कपालभाति Vs भस्त्रिका प्राणायाम
योग आचार्य से जानें कपालभाति क्रिया और भस्त्रिका प्राणायाम में वैज्ञानिक अंतर। फेफड़ों पर प्रभाव, 12 लाभ, और अभ्यास की 7 सबसे बड़ी गलतियाँ
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Read Moreआयुष्य पथ गाइड: जानें पेट-मस्तिष्क अक्ष (Gut-Brain Axis) पर एक्यूप्रेशर का प्रभाव। ST36 से पाचन (कब्ज, ब्लोटिंग) और PC6 से मतली व कोर्टिसोल को कैसे नियंत्रित करें।
Read Moreभारतीय महिलाओं में PCOD और थायरॉइड की समस्या क्यों बढ़ रही है? जानें 4 वैज्ञानिक रूप से सिद्ध योग आसन (बद्ध कोणासन, सेतुबंधासन) जो हार्मोन को संतुलित करते हैं।
Read Moreनेपाल के शोधकर्ताओं का बड़ा दावा! जानें 5 मिनट का भ्रामरी प्राणायाम कैसे आपके ब्लड प्रेशर को तुरंत नियंत्रित कर सकता है। प्रमाण: Nitric Oxide (NO) का विज्ञान और पैरासिम्पैथेटिक तंत्रिका तंत्र।
Read Moreआज के दौर में चिंता (Anxiety) और अनिद्रा एक महामारी बन चुकी है। जहाँ आधुनिक दवाएं (Sedatives) केवल लक्षणों को दबाती हैं, वहीं योग विज्ञान जड़ पर काम करता है। ‘भ्रामरी प्राणायाम’ केवल एक श्वास क्रिया नहीं है; यह शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड (Nitric Oxide) के उत्पादन को बढ़ाने वाली एक प्राकृतिक तकनीक है।
Read MoreIntegrative Therapy: The Scientific Convergence of Modern Medicine & Ayurveda) नई दिल्ली: वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।
Read Moreऑफिस और डिजिटल स्ट्रेस से होने वाले गर्दन और कंधे के दर्द का वैज्ञानिक समाधान जानें। थाई योगिक थेरेपी के 8-चरणीय प्रोटोकॉल और योग के सूक्ष्म अभ्यासों के एकीकृत लाभों को विस्तार से समझें। आयुष मंत्रालय के सिद्धांतों पर आधारित यह लेख आपको $M$. Trapezius और Vagus Nerve के माध्यम से तनाव मुक्त होने में मदद करेगा।
Read Moreनई दिल्ली में ‘Yoga Connect 2025’ का आगाज। आयुष मंत्रालय और CCRYN ने जारी की ‘योग प्रभाव’ (Yoga Prabhava) रिपोर्ट। जानें भारत में योग रिसर्च का 10 साल का वैज्ञानिक असर।
Read Moreयदि आप दिन भर की थकान के बाद खुद को निचोड़ा हुआ महसूस करते हैं, तो कॉफी का कप उठाने के बजाय 20 मिनट योग निद्रा का अभ्यास करें। यह आपके नर्वस सिस्टम के लिए सबसे प्राकृतिक ‘रिबूट’ बटन है।
Read Moreस्वीडन के कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट के एक अध्ययन में पाया गया कि जब हम भ्रामरी की तरह ‘हम्म’ (Humming) की ध्वनि निकालते हैं, तो नाक में नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन सामान्य सांस लेने की तुलना में 15 गुना बढ़ जाता है [1]।
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