दुबई में 3rd इंटरनेशनल आयुष कॉन्फ्रेंस 2026 का शुभारंभ
दुबई में गूंजा आयुर्वेद का जयघोष: 3rd इंटरनेशनल आयुष कॉन्फ्रेंस 2026 का भव्य शुभारंभ
भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पटल पर एक नई और मजबूत पहचान मिल रही है। 15 फरवरी 2026 को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के प्रतिष्ठित शेख मकतूम हॉल (Sheikh Makhtoum Hall) में ‘तीसरे इंटरनेशनल आयुष कॉन्फ्रेंस एंड एग्जिबिशन 2026’ (3rd International Ayush Conference & Exhibition) का शानदार और भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।
इस महासम्मेलन में कई देशों के शीर्ष प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, आयुर्वेद विशेषज्ञ, नीति निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज एक मंच पर एकत्र हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भारत और मध्य पूर्व (Middle East) के बीच आयुष क्षेत्र में व्यापार, शोध और स्वास्थ्य सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशना है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं (Key Highlights)
यह आयोजन पारंपरिक भारतीय चिकित्सा को विश्व स्तर पर मुख्यधारा में लाने के लिए आयुष मंत्रालय के #AyushGlobal विजन का एक अहम हिस्सा है:
| आयोजक (Organizers) | विज्ञान भारती का विज्ञान इंडिया फोरम (Science India Forum) और वर्ल्ड आयुर्वेद फाउंडेशन (WAF)। |
|---|---|
| सहयोग (Supported By) | भारत सरकार का आयुष मंत्रालय, भारतीय वाणिज्य दूतावास (दुबई) और अबू धाबी। |
| मुख्य थीम (Theme) | “Globalizing Ayush – Integrating Tradition with Modern Science” (आयुष का वैश्वीकरण – परंपरा को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ना)। |
| प्रमुख गतिविधियां | प्रदर्शनी, वैज्ञानिक सत्र, वर्कशॉप, B2B मीटिंग्स और पोस्टर प्रेजेंटेशन। |
प्रदर्शनी (Exhibition) में क्या है खास?
दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित इस भव्य प्रदर्शनी में दुनिया भर की अग्रणी वेलनेस कंपनियों ने भाग लिया है। यहाँ आयुष उत्पादों, अत्याधुनिक हर्बल दवाओं, योग उपकरणों, आयुर्वेदिक फार्मास्यूटिकल्स और नवीनतम वेलनेस टेक्नोलॉजी का शानदार प्रदर्शन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनी हुई है。
🌍 महत्व और दूरगामी प्रभाव (Global Impact)
- कूटनीतिक मजबूती: यह सम्मेलन भारत और संयुक्त अरब अमीरात (India-UAE) के द्विपक्षीय संबंधों में ‘हेल्थ डिप्लोमेसी’ को नई ऊंचाई देगा।
- बाजार विस्तार: दुबई के इस रणनीतिक मंच से मध्य पूर्व (Middle East) और अफ्रीकी देशों में आयुर्वेद और योग की स्वीकार्यता में भारी वृद्धि होगी।
- निर्यात में उछाल: वैश्विक स्तर पर भारत का आयुष निर्यात (जो 2025 में $2 बिलियन से अधिक हो चुका है) को इस B2B नेटवर्किंग से अभूतपूर्व गति मिलेगी।
- हेल्थ टूरिज्म: विदेशी नागरिकों को भारत में ‘मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म’ के लिए आकर्षित करने में यह मंच मील का पत्थर साबित होगा।

