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उत्तर भारत को मिला NIMHANS-2, एक लाख हेल्थ जॉब्स | Budget 2026

Budget 2026 Mental Health: NIMHANS-2 in North India and 1 Lakh Allied Health Jobs

मेंटल हेल्थ रिवॉल्यूशन: उत्तर भारत को मिला ‘NIMHANS-2’, एक लाख युवाओं को नौकरी – बजट 2026 का ‘माइंड एंड मैनपावर’ मास्टरस्ट्रोक

नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 (आयुष्य पथ हेल्थ ब्यूरो): कोरोना काल के बाद से भारत जिस ‘साइलेंट पैनडेमिक’ (Silent Pandemic) यानी मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा है, उस पर मोदी सरकार ने बजट 2026-27 में निर्णायक प्रहार किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य बजट में ‘मेंटल हेल्थ’ (Mental Health) और ‘मैनपावर’ (Manpower) को केंद्र में रखते हुए ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं।

सबसे बड़ी खबर यह है कि बेंगलुरु स्थित विश्व-प्रसिद्ध ‘NIMHANS’ (National Institute of Mental Health and Neurosciences) की तर्ज पर अब उत्तर भारत में ‘NIMHANS-2’ की स्थापना होगी। इसके साथ ही अगले 5 वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करने का रोडमैप भी पेश किया गया है।

1. उत्तर भारत को बड़ी राहत: अब इलाज के लिए नहीं जाना होगा दक्षिण

सालों से उत्तर भारत (यूपी, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान) के मरीज गंभीर मानसिक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज के लिए बेंगलुरु स्थित NIMHANS पर निर्भर थे। लंबी वेटिंग लिस्ट और यात्रा की थकान मरीजों को तोड़ देती थी।

  • NIMHANS-2 का विजन: बजट में घोषित यह नया संस्थान केवल अस्पताल नहीं होगा, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य में ‘एडवांस्ड रिसर्च’ और ‘ट्रेनिंग’ का हब बनेगा।
  • फोकस: यहां नशा मुक्ति (De-addiction), बाल मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरो-सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।

2. रांची के ऐतिहासिक संस्थान (CIP) का पुनर्जन्म

झारखंड की राजधानी रांची स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (Central Institute of Psychiatry – CIP), जो अंग्रेजों के जमाने से मानसिक स्वास्थ्य का केंद्र रहा है, उसे अब ‘पूर्ण अपग्रेडेशन’ का तोहफा मिला है।

  • सरकार यहां नई बिल्डिंग्स, आधुनिक एमआरआई (MRI) मशीनें और रिसर्च विंग स्थापित करेगी।
  • यह संस्थान अब पूर्वी भारत (ओडिशा, बंगाल, बिहार) के लिए ‘रीजनल एपेक्स सेंटर’ के रूप में कार्य करेगा।

3. रोजगार बूम: 1 लाख ‘हेल्थ वॉरियर्स’ की भर्ती

अस्पतालों में केवल डॉक्टर नहीं, बल्कि टेक्निशियंस और सपोर्ट स्टाफ की भी भारी कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने ‘नेशनल एलाइड हेल्थ मिशन’ के तहत अगले 5 वर्षों में 1 लाख प्रोफेशनल्स को ट्रेन करने का लक्ष्य रखा है।

किन क्षेत्रों में मिलेंगी नौकरियां?

प्रोफेशन (Job Role)महत्व
अप्लाइड साइकोलॉजीमानसिक तनाव, डिप्रेशन और काउंसलिंग के लिए विशेषज्ञों की भारी मांग है।
एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजीसर्जरी और ट्रॉमा केयर में डॉक्टरों के साथ काम करने के लिए।
ऑप्टोमेट्रीआंखों की जांच और विजन केयर के लिए।
फिजियो/ऑक्यूपेशनल थेरेपीबुजुर्गों और रिहैबिलिटेशन के लिए।

विशेषज्ञों की राय: “NCDs के खिलाफ बड़ी जंग”

विशेषज्ञों का मानना है कि ये घोषणाएं गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases – NCDs) के खिलाफ भारत की लड़ाई को मजबूत करेंगी।

“NIMHANS-2 उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के ‘वैक्यूम’ (खालीपन) को भरेगा। यह ग्रामीण युवाओं के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।”
— डॉ. सुधीर कुमार, पूर्व निदेशक, NIMHANS

आयुष का ‘इंटीग्रेटेड’ टच

आयुष्य पथ को मिले इनपुट्स के अनुसार, आयुष मंत्रालय इन नए संस्थानों में ‘इंटीग्रेटेड मेडिसिन’ विभाग भी शुरू करने की योजना बना रहा है। यानी, NIMHANS-2 में एलोपैथी के साथ-साथ योग, ध्यान और आयुर्वेद (मानस-रोग चिकित्सा) का भी विकल्प मिलेगा, जो ‘होलिस्टिक हीलिंग’ को बढ़ावा देगा।


निष्कर्ष

बजट 2026 ने साफ कर दिया है कि ‘दिमाग’ (Mental Health) अब सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। 1 लाख नौकरियां और नए संस्थान न केवल इलाज देंगे, बल्कि युवाओं को करियर की नई दिशा भी दिखाएंगे।

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रिपोर्ट: आयुष्य पथ हेल्थ डेस्क | स्रोत: PIB/बजट भाषण 2026

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