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डेनमार्क में AYUSH का डंका: बॉडी माइंड सोल फेयर में भारत

India at Body Mind Soul Fair Denmark: AYUSH, Yoga and Ayurveda Global Reach

डेनमार्क में छाया ‘भारतीय योग’ और ‘आयुर्वेद’: कोपेनहेगन के ‘बॉडी माइंड सोल फेयर’ में AYUSH स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

कोपेनहेगन/नई दिल्ली, 2 फरवरी 2026 (आयुष्य पथ इंटरनेशनल डेस्क): यूरोप के खुशहाल देशों में गिने जाने वाले डेनमार्क में भारतीय संस्कृति और स्वास्थ्य परंपराओं की एक नई लहर देखने को मिली। कोपेनहेगन के प्रतिष्ठित ब्रोंडबीहैलेन स्टेडियम (Brøndbyhallen Stadium) में आयोजित डेनमार्क के सबसे बड़े स्वास्थ्य मेले—‘बॉडी माइंड सोल फेयर’ (Krop-Sind-Ånd Helsemesse)—में भारत ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।

30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक चले इस मेले में आयुष मंत्रालय और भारतीय दूतावास के संयुक्त प्रयासों से लगाए गए ‘AYUSH स्टॉल’ (स्टॉल नंबर 90) ने हजारों डेनिश नागरिकों को अपनी ओर खींचा। यहां योग, आयुर्वेद और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा का जो प्रदर्शन हुआ, उसने वैश्विक पटल पर भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को और मजबूत किया है।

राजदूत मानिश प्रभात ने किया उद्घाटन: “संतुलन का विज्ञान है आयुष”

मेले का शुभारंभ डेनमार्क में भारत के राजदूत श्री मानिश प्रभात ने किया। उन्होंने स्टॉल नंबर 90 का उद्घाटन करने के बाद वीआईपी लाउंज में एक विशेष संबोधन दिया।

“आज की तनावपूर्ण दुनिया में मन, शरीर और आत्मा का संतुलन खो गया है। भारत की आयुष प्रणालियां—आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी—केवल चिकित्सा पद्धतियां नहीं हैं, बल्कि यह जीवन जीने की कला हैं। यह देखना सुखद है कि डेनमार्क के लोग भारतीय ज्ञान को इतनी उत्सुकता से अपना रहे हैं।”
— मानिश प्रभात, राजदूत (डेनमार्क)

Y-Break: जब डेनिश नागरिकों ने किया ‘ऑफिस योग’

स्टॉल की सबसे बड़ी हाइलाइट मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग (MDNIY) की भागीदारी रही। संस्थान के वरिष्ठ योग इंस्ट्रक्टर राहुल सिंह चौहान ने विशेष ‘Y-Break’ (Yoga Break) सत्र का नेतृत्व किया।

  • क्या है Y-Break? यह आयुष मंत्रालय द्वारा डिजाइन किया गया 5-10 मिनट का एक वैज्ञानिक प्रोटोकॉल है, जिसे ऑफिस या काम के बीच में किया जा सकता है।
  • माहौल: तस्वीरों में देखा गया कि राहुल सिंह चौहान के निर्देशन में डेनिश प्रतिभागी, जिन्होंने रंग-बिरंगे योग के कपड़े पहने थे, ताड़ासन, कटिचक्रासन और नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास कर रहे थे। उन्होंने सीखा कि कैसे मिनटों में खुद को ‘रीचार्ज’ (Recharge) किया जा सकता है।

स्टॉल नंबर 90: ‘मिनी इंडिया’ का अनुभव

भारत का स्टॉल ‘अतुल्य भारत’ (Incredible India) की ब्रांडिंग से सजा था। यहां आगंतुकों को एक संपूर्ण वेलनेस अनुभव दिया गया:

  • फ्री आयुर्वेदिक कंसल्टेशन: स्टॉल पर मौजूद आयुर्वेद विशेषज्ञों ने लोगों की नाड़ी देखी और तनाव, नींद की कमी और पाचन संबंधी समस्याओं पर निःशुल्क परामर्श दिया।
  • लाइव थेरेपी: एक दृश्य में महिला विशेषज्ञ विजिटर्स को सिर और गर्दन की आयुर्वेदिक मसाज (Shiro Abhyanga) देती नजर आईं, जिससे वहां भीड़ उमड़ पड़ी।
  • हर्बल उत्पाद: भारतीय जड़ी-बूटियां, हर्बल टी, योग मैट्स और आयुष साहित्य का प्रदर्शन किया गया, जिसे लोगों ने खूब सराहा।

वैश्विक महत्व: ‘AYUSH डिप्लोमेसी’ की जीत

यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि यह भारत की ‘स्वास्थ्य कूटनीति’ (Health Diplomacy) का हिस्सा है। डेनमार्क और स्कैंडिनेवियाई देशों में होलिस्टिक हेल्थ (Holistic Health) की मांग तेजी से बढ़ रही है।

MDNIY और आयुष मंत्रालय की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि योग और आयुर्वेद अब केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक स्वास्थ्य समाधान (Global Health Solutions) बन चुके हैं। राजदूत, विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों की मुस्कुराती हुई ग्रुप फोटो भारत-डेनमार्क के मजबूत होते रिश्तों की गवाह बनी।


निष्कर्ष

बॉडी माइंड सोल फेयर में भारत की सफलता यह बताती है कि दुनिया अब ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ की ओर देख रही है, और भारत उसका नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

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रिपोर्ट: आयुष्य पथ इंटरनेशनल डेस्क | स्रोत: भारतीय दूतावास, डेनमार्क/MDNIY

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