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नित्य योग’ में हस्तोत्तानासन: बुढ़ापे को रोकने और थायरॉइड बैलेंस करने का प्राचीन फॉर्मूला, आयुष मंत्रालय ने दी सलाह

‘नित्य योग’ में हस्तोत्तानासन: बुढ़ापे को रोकने और थायरॉइड बैलेंस करने का प्राचीन फॉर्मूला, आयुष मंत्रालय ने दी सलाह | Ayushya Path

‘नित्य योग’ में हस्तोत्तानासन: बुढ़ापे को रोकने और थायरॉइड बैलेंस करने का प्राचीन फॉर्मूला, आयुष मंत्रालय ने दी सलाह

योग विज्ञान में कुछ आसन ऐसे होते हैं जो देखने में बेहद सरल लगते हैं, लेकिन उनका प्रभाव शरीर के हर अंग पर पड़ता है। ऐसा ही एक आसन है—हस्तोत्तानासन (Hastottanasana)। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने आज (13 जनवरी) अपनी ‘नित्य योग’ (Nitya Yoga) श्रृंखला में इस आसन को विशेष रूप से शामिल करने की सिफारिश की है।

मंत्रालय का कहना है कि यह आसन केवल स्ट्रेचिंग नहीं है, बल्कि यह आपके एंडोक्राइन सिस्टम (हार्मोन), पाचन और बुढ़ापे (Aging) के खिलाफ एक शक्तिशाली ढाल है।

हस्तोत्तानासन क्या है?

संस्कृत में ‘हस्त’ का अर्थ हाथ और ‘उत्तान’ का अर्थ ऊपर की ओर खींचना है। अंग्रेजी में इसे Raised Hands Pose कहते हैं। यह ताड़ासन का विस्तारित रूप है, जो पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचकर प्राण ऊर्जा का संचार करता है।

आयुर्वेदिक दृष्टि: 3 दोषों पर असर

आयुर्वेद के अनुसार, हस्तोत्तानासन शरीर की 5 प्रकार की वायु (प्राण, अपान, समान, उदान, व्यान) को संतुलित करता है:

प्रभावित तत्वकार्य और लाभ
समाना वायुपाचन अग्नि को तेज करता है, जिससे खाना बेहतर पचता है।
उदान वायुथायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है, आवाज साफ करता है।
व्याना वायुपूरे शरीर में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे त्वचा चमकदार बनती है।
🔬 वैज्ञानिक प्रमाण (Research Insights):
  • थायरॉइड सुधार: 2021 के एक अध्ययन (International Journal of Yoga) के अनुसार, 12 सप्ताह तक नियमित अभ्यास से TSH स्तर में सुधार देखा गया।
  • एंटी-एजिंग: 2023 के शोध (Journal of Geriatric Physical Therapy) में पाया गया कि यह आसन ‘ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस’ को कम करता है, जो समय से पहले बुढ़ापे का मुख्य कारण है।
  • पाचन: यह गैस्ट्रिक एम्प्टिंग टाइम को 18-22% तक तेज कर सकता है।

कैसे करें: सही विधि (Step-by-Step)

  1. शुरुआत: सीधे खड़े हो जाएं (ताड़ासन)। पैर मिले हुए हों और हाथ शरीर के बगल में।
  2. सांस लें: धीरे-धीरे गहरी सांस भरते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं।
  3. खिंचाव: हथेलियों को मिलाएं या खुला रखें। रीढ़ की हड्डी को ऊपर की ओर खींचें और हल्का सा पीछे झुकें (Backbend)।
  4. दृष्टि: गर्दन को आराम से पीछे झुकाएं और ऊपर देखें।
  5. होल्ड: इस स्थिति में 15-30 सेकंड तक रुकें और सामान्य सांस लेते रहें।
  6. वापसी: सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे हाथों को नीचे लाएं। इसे 2-3 बार दोहराएं।
⚠️ सावधानी: यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर, चक्कर आना, हर्निया या गर्दन में गंभीर दर्द है, तो इसे किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें।

निष्कर्ष

हस्तोत्तानासन एक ‘फुल बॉडी टॉनिक’ की तरह है। आयुष मंत्रालय की सलाह है कि इसे अपने दैनिक 10 मिनट के योग रूटीन का हिस्सा बनाएं। यह न केवल आपको फिट रखेगा, बल्कि हार्मोंस को संतुलित कर आपको भीतर से युवा बनाए रखेगा।

(स्रोत: आयुष मंत्रालय अपडेट्स, 13 जनवरी 2026 एवं PubMed रिसर्च पेपर्स)

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