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चंडीगढ़ कॉन्फ्रेंस 2026: महिलाओं के हार्मोनल स्वास्थ्य पर मंथन । Ayushya Path

आयुष्य पथ – महिला स्वास्थ्य विशेष

हार्मोनल स्वास्थ्य और चिकित्सा महा-मंथन 2026

चंडीगढ़ में चिकित्सा महा-मंथन: महिलाओं के ‘हार्मोनल स्वास्थ्य और मोटापे’ पर नई गाइडलाइंस, इलाज में ‘आयुष’ की भूमिका पर विशेष फोकस

मोहाली (चंडीगढ़) | 07 मार्च, 2026 | रिपोर्ट: आयुष्य पथ ब्यूरो

भारत में महिलाओं के बीच तेजी से बढ़ते हार्मोनल असंतुलन, मोटापा और पीसीओएस (PCOS) जैसी गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए आज से मोहाली (चंडीगढ़) के रेडिसन रेड होटल में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज़ हो गया है। “2026 – Women Endocrine Care and ESI Obesity Week” नामक इस सम्मेलन में देश-विदेश के जाने-माने एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, गायनेकोलॉजिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट और आयुष विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

7 और 8 मार्च तक चलने वाले इस महा-मंथन का मुख्य उद्देश्य उन एंडोक्राइन विकारों (Endocrine Disorders) पर नई राष्ट्रीय गाइडलाइंस तैयार करना है, जो आज भारतीय महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं।

📊 डराने वाले आंकड़े: क्यों जरूरी है यह सम्मेलन?

  • भारत में लगभग 30% महिलाएं किसी न किसी प्रकार के हार्मोनल असंतुलन का शिकार हैं।
  • प्रजनन उम्र की 20-30% महिलाएं PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) से जूझ रही हैं (हर 5 में से 1 महिला)।
  • हाइपोथायरॉइडिज्म और मोटापे के कारण महिलाओं में बांझपन और हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ा है।

सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे: मोटापा और मेंटल हेल्थ कनेक्शन

सम्मेलन में मोटापे को महिलाओं में हार्मोनल डिसऑर्डर का सबसे बड़ा ‘ट्रिगर’ माना गया है। विशेषज्ञों ने फैटी लिवर, टाइप-2 डायबिटीज, और इंसुलिन रेसिस्टेंस पर चिंता व्यक्त की। इसके साथ ही, हार्मोनल बदलावों के कारण होने वाले डिप्रेशन (Depression) और एंग्जायटी जैसे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।

विद्वानों के विचार (Expert Quotes)

डॉ. रितु गुप्ता (एंडोक्राइनोलॉजिस्ट): “समस्या यह है कि ज्यादातर महिलाएं लक्षणों को नज़रअंदाज़ करती हैं या देर से डॉक्टर के पास पहुँचती हैं। यह कॉन्फ्रेंस नई ट्रीटमेंट गाइडलाइंस और मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच लाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।”

डॉ. अनीता शर्मा (गायनेकोलॉजिस्ट): “वजन घटाने मात्र से PCOS के 70-80% मामलों में मासिक धर्म नियमित हो जाता है और प्रजनन क्षमता बढ़ती है। हम आधुनिक दवाओं के साथ योग और आयुर्वेद के संयोजन पर भी चर्चा कर रहे हैं।”

आयुष की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की तैयारी

इस कॉन्फ्रेंस का एक प्रमुख आकर्षण “हार्मोनल हेल्थ में आयुष की भूमिका” पर आयोजित पैनल डिस्कशन है, जिसमें आयुर्वेद, योग थेरेपी और प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

कल, 8 मार्च (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) के अवसर पर सम्मेलन के तहत महिलाओं के लिए फ्री हेल्थ चेकअप कैंप और सार्वजनिक जागरूकता रैली का आयोजन भी किया जाएगा।

यदि आप चंडीगढ़ या मोहाली के आस-पास हैं, तो इस स्वास्थ्य महा-मंथन से जुड़कर लाभ उठा सकते हैं। महिलाओं का स्वस्थ शरीर ही एक स्वस्थ समाज की नींव है।

⚠️ चिकित्सकीय अस्वीकरण (Medical Disclaimer):
आयुष्य पथ पर प्रकाशित यह समाचार केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से है। इसमें उल्लिखित कोई भी स्थिति (जैसे PCOS, थायरॉइड या मोटापा) या चिकित्सा पद्धति विशेषज्ञ डॉक्टर की पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने एंडोक्राइनोलॉजिस्ट या स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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