आयुष मंत्रालय का नया व्यापक योग प्रोटोकॉल: NCDs से बचाव | आयुष्य पथ
“उपचार से बेहतर है रोकथाम (Prevention is better than cure) — यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि आज की वैश्विक स्वास्थ्य नीति का मूल आधार बन चुकी है।”
भारत सरकार के आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव द्वारा ‘योग महोत्सव 2026’ में घोषित यह प्रोटोकॉल आधुनिक जीवनशैली के रोगों (NCDs) के खिलाफ एक वैज्ञानिक कवच है।
🌍 NCDs का बढ़ता संकट
- विश्व की कुल मौतों का 70% कारण गैर-संचारी रोग हैं।
- भारत में 4 में से 3 मौतें लाइफस्टाइल रोगों से जुड़ी हैं।
- मधुमेह और उच्च रक्तचाप अब युवाओं को भी अपना शिकार बना रहे हैं।
🌿 ‘नया व्यापक योग प्रोटोकॉल’ की विशेषताएं
वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित
सभी आयु वर्गों हेतु
30-60 मिनट का समय
मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस
1️⃣ गतिशीलता और वार्म-अप (Mobility)
ग्रीवा संचालन (Neck Movements)
सर्वाइकल तनाव और गर्दन की जकड़न के लिए उत्तम।
स्कंध एवं कटि संचालन
कंधों और रीढ़ की गतिशीलता (Mobility) बढ़ाने के लिए।
2️⃣ प्रमुख योगासन (Asanas)
ताड़ासन व तिर्यक ताड़ासन
पोश्चर सुधार संतुलनअर्ध चक्रासन
हृदय स्वास्थ्य फेफड़ों की क्षमतावक्रासन / अर्धमत्स्येन्द्रासन
मधुमेह नियंत्रण पैंक्रियाज सक्रियभुजंगासन
तनाव मुक्ति रीढ़ की शक्तिपवनमुक्तासन
पाचन सुधार (Gut Health)3️⃣ प्राणायाम और ध्यान (Breath & Mind)
अनुलोम-विलोम (10 मिनट)
नर्वस सिस्टम को संतुलित और शांत करने के लिए अचूक।
भ्रामरी प्राणायाम
मानसिक तनाव कम करने और बेहतर नींद के लिए।
ओंकार जप व ध्यान
मानसिक स्पष्टता और उच्च एकाग्रता (Focus) के लिए।
👩⚕️ विशेष दिशानिर्देश
इस प्रोटोकॉल में महिलाओं के हार्मोनल स्वास्थ्य और बुजुर्गों के लिए कम तीव्रता वाले अभ्यासों को विशेष स्थान दिया गया है।
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