AIIA ने लॉन्च किया गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जागरूकता माह: आयुर्वेद और बचाव | Ayushya Pah
AIIA ने शुरू किया ‘गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जागरूकता माह’: आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान मिलकर करेंगे बचाव
नई दिल्ली: महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) ने जनवरी 2026 को Cervical Cancer Awareness Month के रूप में मनाने की शुरुआत की है। श्री रोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग (SRPT) और इंटीग्रेटिव ऑन्कोलॉजी सेंटर (CIO) ने मिलकर एक विशेष जागरूकता पैंफलेट जारी किया है।
[Image of female reproductive system showing cervix location]
🎯 मुख्य उद्देश्य: ग्रामीण और कम जागरूक महिलाओं को इस बीमारी के लक्षण, रोकथाम और ‘आयुर्वेदिक उपचार’ के बारे में शिक्षित करना।
⚠️ क्या हैं खतरे के संकेत? (Symptoms)
- असामान्य योनि रक्तस्राव (Bleeding between periods)।
- बदबूदार सफेद पानी (White discharge)।
- पेल्विक दर्द या पीठ में लगातार दर्द।
- संबंध बनाने के दौरान दर्द।
🌿 आयुर्वेदिक दृष्टिकोण (AIIA विशेषज्ञों के अनुसार)
आयुर्वेद में इसे ‘अर्बुद’ या ‘गंडमाला’ कहा जाता है, जो कफ-पित्त दोष के बिगड़ने से होता है।
- जड़ी-बूटियां: कंचनार गुग्गुलु, अश्वगंधा, हरिद्रा और त्रिफला।
- योग: भुजंगासन और सेतुबंधासन गर्भाशय के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं।
- इंटीग्रेटिव थेरेपी: AIIA में कीमोथेरेपी के साथ आयुर्वेदिक सपोर्ट दिया जाता है ताकि रिकवरी तेज हो।
निष्कर्ष: AIIA ने सभी महिलाओं से अपील की है कि वे 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्क्रीनिंग (Pap Smear) जरूर करवाएं।

