AIIA की प्रोफेसर मंजूषा राजगोपाल को मिला प्रतिष्ठित ‘मानसरोवर अमृत वैद्यम पुरस्कार’
प्रोफेसर मंजूषा राजगोपाल को आयुर्वेद में अतुलनीय योगदान के लिए मिला ‘मानसरोवर अमृत वैद्यम पुरस्कार’
नई दिल्ली: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) के लिए आज गौरव का दिन है। संस्थान की वरिष्ठ प्रोफेसर और शल्य तंत्र विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर मंजूषा राजगोपाल को प्रतिष्ठित ‘मानसरोवर अमृत वैद्यम पुरस्कार’ से नवाजा गया है।
🏆 कार्यक्रम विवरण:
यह सम्मान 12 जनवरी 2026 को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर विश्व आयुर्वेद परिषद और मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
यह सम्मान 12 जनवरी 2026 को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर विश्व आयुर्वेद परिषद और मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
चिकित्सा क्षेत्र में योगदान
प्रोफेसर मंजूषा शल्य तंत्र (Ayurvedic Surgery) के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने ‘क्षार सूत्र’, ‘अग्निकर्म’ और आधुनिक तकनीकों के आयुर्वेदिक एकीकरण (Integration) पर व्यापक शोध कार्य किया है। यह पुरस्कार उनके द्वारा चिकित्सा, शिक्षण और शोध में दिए गए निरंतर योगदान को मान्यता देता है।
“आयुर्वेद के क्षेत्र में ऐसे योगदानकर्ताओं की वजह से ही हमारा प्राचीन ज्ञान आज भी जीवंत और प्रासंगिक है। प्रोफेसर मंजूषा को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई।”
— आयुष्य मन्दिरम् टीम
— आयुष्य मन्दिरम् टीम
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