AYUSHEXCIL के 4 साल बेमिसाल: आयुष निर्यात में 6.11% की वृद्धि, नई दिल्ली में मनाया गया स्थापना दिवस
AYUSHEXCIL के 4 साल बेमिसाल: आयुष निर्यात में 6.11% की वृद्धि, नई दिल्ली में मनाया गया स्थापना दिवस
नई दिल्ली | आयुष्य पथ बिजनेस डेस्क (06 जनवरी 2026)भारतीय आयुष उत्पादों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में जुटी आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (AYUSHEXCIL) ने अपनी सफलता के चार वर्ष पूरे कर लिए हैं। 4 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में परिषद ने अपना चौथा स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से मनाया।
यह परिषद आयुष मंत्रालय के सहयोग से एक ‘सेक्शन 8 कंपनी’ (गैर-लाभकारी संगठन) के रूप में कार्य करती है, जिसका एकमात्र उद्देश्य भारतीय पारंपरिक चिकित्सा उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार खोलना है।
निर्यात में दर्ज हुई शानदार वृद्धि
समारोह के दौरान जारी आंकड़ों ने भारतीय आयुष उद्योग के लिए सुखद संकेत दिए हैं। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, आयुष उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
यह वृद्धि दर्शाती है कि आयुर्वेद, योग और हर्बल सप्लीमेंट्स अब केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पश्चिमी देशों में भी मुख्यधारा का हिस्सा बन रहे हैं।
AYUSHEXCIL की प्रमुख भूमिका
बीते चार वर्षों में परिषद ने निर्यातकों के लिए एक मजबूत पुल (Bridge) का काम किया है। इसकी प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार रहीं:
- ग्लोबल ब्रांडिंग: भारतीय आयुष ब्रांड्स को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों और रोड शो के माध्यम से प्रमोट करना।
- निर्यातकों को सहायता: छोटे और मध्यम आयुष उद्यमियों को विदेशी नियमों (Regulatory Compliance) की जानकारी देना और प्रमाणन में मदद करना।
- अंतरराष्ट्रीय मानक: भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना, जिससे ‘मेड इन इंडिया’ आयुष उत्पादों पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AYUSHEXCIL के प्रयासों से आने वाले वर्षों में भारत ‘वेलनेस टूरिज्म’ और ‘हर्बल एक्सपोर्ट’ का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
(स्रोत: AYUSHEXCIL प्रेस विज्ञप्ति – 4 जनवरी 2026)

