WHO ने माना भारतीय आयुर्वेद का लोहा: AI-संचालित आयुष इनोवेशन को घोषित किया ‘ग्लोबल बेंचमार्क’ | Digital India Success
‘डिजिटल इंडिया’ का बज रहा डंका: WHO ने भारत के AI-संचालित आयुष इनोवेशन को माना ‘ग्लोबल बेंचमार्क’
नई दिल्ली | आयुष्य पथ डेस्क (03 जनवरी 2026)प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित आयुष इनोवेशन को ‘वैश्विक बेंचमार्क’ (Global Benchmark) के रूप में मान्यता दी है।
यह मान्यता सिद्ध करती है कि भारत अब केवल पारंपरिक ज्ञान का ही नहीं, बल्कि उसे आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने में भी विश्व गुरु बन चुका है। आयुष मंत्रालय ने इस सफलता को अपनी ‘वर्षांत समीक्षा 2025’ (Year End Review 2025) में प्रमुखता से उजागर किया है।
गेम चेंजर बने ये 4 डिजिटल प्लेटफॉर्म
WHO ने विशेष रूप से भारत के उन डिजिटल ढांचों की सराहना की है जो आयुर्वेद, योग और अन्य पद्धतियों को तकनीक से जोड़ रहे हैं:
- आयुष ग्रिड (Ayush Grid): यह पूरे आयुष सेक्टर के लिए एक एकीकृत आईटी रीढ़ (IT Backbone) है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बना रहा है।
- नमस्ते पोर्टल (NAMASTE Portal): आयुष शब्दावली और रोगों के मानकीकरण के लिए एक वैश्विक मंच।
- आयुष रिसर्च पोर्टल: साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को दुनिया भर के वैज्ञानिकों तक पहुँचाने वाला माध्यम।
- SAHI प्लेटफॉर्म: यह पोर्टल भी आयुष के डिजिटल विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस उपलब्धि पर आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “यह भारत की पारंपरिक चिकित्सा की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। आयुष ग्रिड और अन्य प्लेटफॉर्म्स से आज लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। हम प्राचीन चिकित्सा को डिजिटल युग में स्थापित करने में सफल रहे हैं।”
भविष्य की दिशा
मंत्रालय ने इसे आयुष को मुख्यधारा में लाने की दिशा में मील का पत्थर बताया है। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अब सुदूर गांवों में बैठे मरीज भी आधुनिक तकनीक की मदद से विशेषज्ञ आयुष डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे।
आयुष मंत्रालय ने इस सफलता के लिए सभी तकनीकी भागीदारों, वैज्ञानिकों और सहयोगी संस्थानों को बधाई दी है।
(स्रोत: पीआईबी एवं आयुष मंत्रालय की वर्षांत समीक्षा 2025)

