कोल्ड वेव’ का आयुर्वेदिक इलाज: आइसक्रीम छोड़ें, ‘बाजरा-गुड़’ से करें दोस्ती, आयुष मंत्रालय ने जारी किया ‘विंटर वेलनेस चार्ट’
‘कोल्ड वेव’ का आयुर्वेदिक इलाज: आइसक्रीम छोड़ें, ‘बाजरा-गुड़’ से करें दोस्ती, आयुष मंत्रालय ने जारी किया ‘विंटर वेलनेस चार्ट’
नई दिल्ली | आयुष्य पथ डेस्क (12 जनवरी 2026)
उत्तर भारत समेत पूरा देश इस समय कड़ाके की ठंड (Severe Cold Wave) की चपेट में है। गिरता तापमान न केवल ठिठुरन बढ़ा रहा है, बल्कि जोड़ों का दर्द, रूखी त्वचा और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याएं भी लेकर आया है। ऐसे में, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने आज (12 जनवरी) ‘विंटर हेल्थ गाइडलाइंस’ जारी की हैं, जो आपको प्राकृतिक तरीके से गर्म और फिट रखने में मदद करेंगी।
सर्दियों में शरीर का प्राकृतिक संतुलन (वात-पित्त-कफ) बिगड़ सकता है। इसलिए, ठंडी चीजों (Cold Drinks/Ice cream) से पूरी तरह दूरी बनाएं और शरीर की ‘आंतरिक अग्नि’ (Digestive Fire) को प्रज्वलित रखें।
1. आपकी थाली में क्या हो? (मोटे अनाज का जादू)
मंत्रालय ने जोर दिया है कि सर्दियों में गेहूँ की जगह मोटे अनाजों (Millets) को प्राथमिकता दें।
- बाजरा, रागी और मक्का: इनकी तासीर गर्म होती है। बाजरे की रोटी शरीर को ऊर्जा देती है और ठंड से लड़ने की ताकत बढ़ाती है।
- गुड़ और घी: खाने के बाद गुड़ का छोटा टुकड़ा पाचन सुधारता है और आयरन की कमी पूरी करता है। वहीं, घी जोड़ों (Joints) को चिकनाई देता है और त्वचा को रूखा होने से बचाता है।
- मौसमी फल-सब्जियां: अमरूद, संतरा, पालक और मेथी का सेवन करें। ये विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स के पावरहाउस हैं।
2. लाइफस्टाइल में ये बदलाव हैं जरूरी
सिर्फ खाना ही नहीं, आपकी दिनचर्या भी आपको ठंड से बचाती है:
- तेल मालिश (Abhyanga): नहाने से पहले तिल या सरसों के तेल से शरीर की मालिश करें। यह शरीर में गर्माहट लाता है और वात दोष को संतुलित करता है।
- धूप और व्यायाम: सुबह की धूप विटामिन-D देती है, जबकि हल्का व्यायाम या सूर्य नमस्कार रक्त संचार (Blood Circulation) को बेहतर करता है।
- हर्बल चाय: दिन भर में एक-दो बार अदरक, तुलसी और काली मिर्च वाली चाय का सेवन करें।
3. इनसे बनाएं ‘कड़ी दूरी’
आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि भले ही मन ललचाए, लेकिन आइसक्रीम, फ्रिज का ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन बिलकुल न करें। ये चीजें पाचन को धीमा करती हैं और कफ (Mucus) बढ़ाती हैं, जिससे सर्दी-खांसी और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है।
मंत्रालय का संदेश है: “प्रकृति के साथ तालमेल बिठाएं, न कि उससे लड़ें।” इन आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर आप इस कड़ाके की ठंड में भी पूरी तरह स्वस्थ रह सकते हैं।
(स्रोत: आयुष मंत्रालय आधिकारिक X पोस्ट (@moayush) – 12 जनवरी 2026)

