NIA जयपुर स्वर्ण जयंती: 50 साल बेमिसाल, केंद्रीय मंत्री और सीएम ने किया नए भवन का उद्घाटन |Ayushya Path

NIA जयपुर का ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती समारोह: 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का जश्न, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव और सीएम भजनलाल शर्मा ने की शिरकत
आयुर्वेद चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में भारत के प्रतिष्ठित संस्थान, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर ने आज अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर एक भव्य स्वर्ण जयंती समारोह (Golden Jubilee Celebration) का आयोजन किया। 1976 से 2026 तक की इस आधी सदी की यात्रा में एनआईए ने न केवल हजारों चिकित्सक तैयार किए हैं, बल्कि आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर वैश्विक मंच पर स्थापित किया है।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री श्री प्रेम चंद बैरवा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
आयुर्वेद: विज्ञान-सम्मत चिकित्सा और जनकल्याण का माध्यम
केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने अपने संबोधन में आयुर्वेद को भारत की “जीवंत परंपरा” बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि आयुर्वेद को “वैकल्पिक” नहीं बल्कि “मुख्यधारा” की स्वास्थ्य व्यवस्था माना जाए।
“माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। चाहे वह जामनगर में WHO का ग्लोबल सेंटर हो या तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों (AIIAs) की घोषणा—हम साक्ष्य-आधारित अनुसंधान (Evidence-based Research) और नवाचार के जरिए भारत को ‘आयुष वेलनेस का विश्व गुरु’ बना रहे हैं।”
— श्री प्रतापराव जाधव, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री
मंत्री महोदय ने विशेष रूप से जीवनशैली जनित रोगों (Lifestyle Diseases) जैसे मधुमेह और मोटापे से निपटने में आयुर्वेद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

नई सौगातें: ‘सुश्रुत भवन’ और ‘आरोग्य वाटिका’
स्वर्ण जयंती के इस अवसर पर संस्थान को कई नई सौगातें मिलीं:
- नया OPD भवन (सुश्रुत भवन): अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस नए भवन का लोकार्पण किया गया, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
- आरोग्य वाटिका: औषधीय पौधों के संरक्षण और जागरूकता के लिए एक विशेष वाटिका का उद्घाटन भी किया गया।
NIA की 50 वर्षों की विरासत
1976 में स्थापित NIA अब एक डीम्ड यूनिवर्सिटी (Deemed University) का दर्जा प्राप्त कर चुका है। इसे भारत का “सबसे बड़ा छात्र-शक्ति वाला आयुर्वेद संस्थान” माना जाता है।
- शैक्षिक उत्कृष्टता और अनुसंधान में अग्रणी।
- पंचकर्म और हर्बल चिकित्सा के जरिए लाखों मरीजों का सफल उपचार।
- वैश्विक सहयोग और डिजिटल स्वास्थ्य में सक्रिय भागीदारी।
निष्कर्ष
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भव्य मंच सज्जा ने समा बांध दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं का उत्साह देखते ही बनता था। एनआईए का यह स्वर्ण जयंती समारोह इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी प्राचीन विरासत को सहेजते हुए आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रिपोर्ट: आयुष्य पथ डिजिटल डेस्क | स्रोत: Ministry of Ayush/NIA Official

