फरवरी: नेशनल हार्ट हेल्थ अवेयरनेस मंथ | दिल की सेहत का गाइड

फरवरी सिर्फ प्यार का नहीं, ‘दिल की सेहत’ का भी महीना है: नेशनल हार्ट हेल्थ अवेयरनेस मंथ 2026 का आगाज़
फरवरी का महीना आते ही हर तरफ लाल रंग और दिलों की बातें होने लगती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह महीना केवल वैलेंटाइन डे के लिए नहीं, बल्कि आपके असली ‘दिल’ (Heart) की सेहत के लिए भी समर्पित है? पूरी दुनिया में फरवरी को ‘नेशनल हार्ट हेल्थ अवेयरनेस मंथ’ (National Heart Health Awareness Month) के रूप में मनाया जाता है।
साल 1964 में अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। इसका उद्देश्य हृदय रोगों (Cardiovascular Diseases – CVD) को राष्ट्रीय और व्यक्तिगत प्राथमिकता बनाना है।
क्यों चुना गया फरवरी?
फरवरी को चुनने के पीछे एक मनोवैज्ञानिक कारण भी है। यह महीना ‘दिल’ के प्रतीक से जुड़ा है। जब लोग अपने प्रियजनों के लिए उपहार खरीदते हैं, तो स्वास्थ्य संगठन उन्हें याद दिलाते हैं कि सबसे बड़ा उपहार ‘एक स्वस्थ दिल’ है।
इस साल 6 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को ‘वियर रेड डे’ मनाया गया। यह विशेष रूप से महिलाओं में हृदय रोग जागरूकता के लिए ‘Go Red for Women’ अभियान का हिस्सा है। लाल कपड़ा पहनना इस बात का प्रतीक है कि हम दिल की सेहत के प्रति सजग हैं और एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।
आंकड़े जो डराते हैं, लेकिन जगाते भी हैं
2026 के अपडेटेड आंकड़ों के अनुसार स्थिति गंभीर है:
- मौत का नंबर 1 कारण: अमेरिका ही नहीं, अब भारत में भी हृदय रोग मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुका है।
- युवाओं पर खतरा: भारत में हर साल 15-20 लाख मौतें हृदय रोगों से होती हैं, जिनमें युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
- अच्छी खबर: 80% से अधिक हृदय रोगों को जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes) करके रोका जा सकता है। यह ‘प्रिवेंटेबल’ (Preventable) है।
2026 में क्या खास हो रहा है?
इस साल जागरूकता अभियानों का स्वरूप बदला है। अब केवल अस्पतालों में नहीं, बल्कि सोशल मीडिया, स्कूलों और कॉर्पोरेट ऑफिसों में भी हार्ट हेल्थ पर बात हो रही है।
- AHA का ‘Nation of Lifesavers’: अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन लोगों को CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) सिखाने पर जोर दे रहा है।
- भारत में इंटीग्रेटेड अप्रोच: भारत में अपोलो, फोर्टिस और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों के साथ-साथ आयुष मंत्रालय (AYUSH) भी सक्रिय है। अब हृदय स्वास्थ्य के लिए केवल दवाओं पर नहीं, बल्कि योग, प्राणायाम और सात्विक आहार पर भी जोर दिया जा रहा है।
इस महीने अपने दिल से करें ये 7 वादे
हृदय रोग विशेषज्ञ और आयुष चिकित्सक सुझाव देते हैं कि इस फरवरी इन 7 नियमों को अपनी आदत बना लें:
- गतिशीलता: रोज 30 मिनट वॉक, योग या साइकिलिंग जरूर करें।
- आहार: नमक और तेल कम करें; फल, सब्जियां और साबुत अनाज बढ़ाएं।
- जांच: अपना बीपी (BP), शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल चेक करवाएं।
- व्यसन मुक्ति: धूम्रपान और तंबाकू को आज ही ‘ना’ कहें।
- तनाव प्रबंधन: ध्यान (Meditation) और अच्छी नींद से स्ट्रेस लेवल कम करें।
- स्क्रीनिंग: अगर परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो अर्ली स्क्रीनिंग जरूर कराएं।
- जागरूकता: लाल रंग पहनें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
इस फरवरी, केवल गुलाब न दें, बल्कि अपने प्रियजनों को स्वस्थ जीवनशैली का वादा भी दें।
रिपोर्ट: आयुष्य पथ ब्यूरो | स्रोत: AHA/CDC/MoHFW
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