पुस्तकों का ‘महाकुंभ’ शुरू: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में पहली बार ‘फ्री एंट्री’, जानें क्या है इस बार की खास थीम
पुस्तकों का ‘महाकुंभ’ शुरू: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में पहली बार ‘फ्री एंट्री’, जानें क्या है इस बार की खास थीम
नई दिल्ली | आयुष्य पथ डेस्क (12 जनवरी 2026)राजधानी दिल्ली में साहित्य, संस्कृति और ज्ञान के सबसे बड़े उत्सव का आगाज हो चुका है। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 (New Delhi World Book Fair) का 53वाँ संस्करण आज से भारत मंडपम (प्रगति मैदान) में पाठकों के लिए खुल गया है। 10 जनवरी से 18 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में इस बार इतिहास रचा गया है।
इस वर्ष मेले में प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं लगेगा। सभी छात्रों, शोधकर्ताओं और पुस्तक प्रेमियों के लिए प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है।
थीम: शौर्य और विवेक का संगम
इस वर्ष के मेले की थीम हर भारतीय के दिल को छू लेने वाली है। थीम है— “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य और विवेक @75”।
मेले की 5 बड़ी विशेषताएं
- सम्मानित अतिथि देश (Qatar): इस बार कतर को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ बनाया गया है। यहाँ कतर के साहित्य, कला और संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है, जो भारत-कतर संबंधों को नई मजबूती दे रही है।
- 800+ प्रकाशक: मेले में देश-विदेश के 800 से अधिक प्रकाशकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। यहाँ हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत समेत तमाम भारतीय भाषाओं में लाखों पुस्तकें उपलब्ध हैं।
- बाल मंडप: बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां, कहानी सत्र और रचनात्मक कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं ताकि उनमें पढ़ने की आदत विकसित हो सके।
- लेखक मंच: पाठकों को अपने पसंदीदा लेखकों से रूबरू होने और संवाद करने का मौका मिलेगा।
- लोकेशन: भव्य भारत मंडपम में आयोजन होने से सुविधाओं और अनुभव में चार चांद लग गए हैं।
आयोजकों का संदेश
नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) का कहना है कि “नि:शुल्क प्रवेश का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि पैसे की कमी किसी भी पाठक के ज्ञान की राह में रोड़ा न बने। यह मेला केवल किताबों की बिक्री नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद और संस्कृति का उत्सव है।”
यदि आप दिल्ली-NCR में हैं, तो 18 जनवरी तक चलने वाले इस ज्ञान के महाकुंभ में डुबकी लगाना न भूलें।
(स्रोत: एनबीटी आधिकारिक अपडेट्स एवं न्यूज रिपोर्ट्स – 12 जनवरी 2026)

