महिलाएं सावधान! पार्लर में Eyebrows बनवाने से Hepatitis और HIV का खतरा
ब्यूटी पार्लर या बीमारियों का घर?
खूबसूरती के नाम पर जानलेवा संक्रमण का खतरा
महिलाएं सावधान! पार्लर में आइब्रो (Eyebrows) बनवाने की छोटी सी गलती दे सकती है Hepatitis C और HIV जैसी जानलेवा बीमारियां
महिला स्वास्थ्य डेस्क | आयुष्य पथ | 21 मार्च 2026
चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए हर महीने ब्यूटी पार्लर जाकर आइब्रो (Eyebrows) और अपर-लिप्स (Upper Lips) थ्रेडिंग करवाना महिलाओं की आम दिनचर्या का हिस्सा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पार्लर की कुर्सी पर बिताए गए वो 10 मिनट आपकी पूरी जिंदगी को खतरे में डाल सकते हैं? चिकित्सा विशेषज्ञों और हालिया मीडिया रिपोर्ट्स ने एक बहुत ही गंभीर चेतावनी जारी की है— पार्लर में इस्तेमाल होने वाला एक साधारण सा धागा या ठीक से साफ़ न किए गए टूल्स आपको हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B), हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) और यहाँ तक कि एचआईवी (HIV) जैसे भयंकर रक्त-संक्रमित (Blood-borne) वायरस दे सकते हैं।
कैसे फैलता है पार्लर में यह जानलेवा संक्रमण? (Medical Science)
डॉक्टर्स के मुताबिक, जब पार्लर में थ्रेडिंग (Threading) की जाती है, तो बालों को जड़ से खींचने की प्रक्रिया में त्वचा की ऊपरी सतह पर माइक्रो-कट्स (Micro-cuts) यानी अत्यंत बारीक घाव लग जाते हैं। कई बार ये कट इतने छोटे होते हैं कि नंगी आंखों से दिखाई नहीं देते और न ही इनसे बहुत खून निकलता है, लेकिन संक्रमण फैलने के लिए ये सूक्ष्म घाव ही काफी होते हैं।
⚠️ संक्रमण की पूरी चेन:
- एक ही धागे का बार-बार इस्तेमाल: यदि किसी महिला को पहले से हेपेटाइटिस या HIV का संक्रमण है, और थ्रेडिंग के दौरान उसके माइक्रो-कट्स से लगा रक्त या तरल उस धागे या कैंची पर लग जाता है।
- बिना स्टरलाइज़ किए दूसरे पर प्रयोग: यदि उसी धागे या उपकरण का उपयोग बिना बदले या बिना सही से ‘सैनिटाइज़’ (Sanitize) किए अगली ग्राहक पर किया जाता है, तो वायरस सीधे दूसरी महिला के रक्तप्रवाह (Bloodstream) में प्रवेश कर जाता है।
- लीवर पर सीधा प्रहार: हेपेटाइटिस बी और सी के वायरस इसी रास्ते से शरीर में घुसकर सीधे ‘लीवर’ (Liver) को नष्ट करना शुरू कर देते हैं, जिससे भविष्य में लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर का खतरा बन जाता है।
खचाखच भरे पार्लर और हाइजीन की कमी: सबसे बड़ा खतरा
त्योहारों या शादियों के सीज़न में जब पार्लरों में भारी भीड़ होती है, तब हाइजीन (Hygiene) यानी साफ-सफाई के मानकों को सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ किया जाता है। जल्दबाज़ी में न तो हाथों को बार-बार धोया जाता है और न ही उपकरणों को। अत्यधिक खराब हाइजीन के मामलों में एचआईवी (HIV) जैसे गंभीर और लाइलाज संक्रमण का जोखिम भी वास्तविक है।
बचाव के अचूक उपाय: स्मार्ट और सुरक्षित बनें
खूबसूरती ज़रूरी है, लेकिन आपकी सेहत और ज़िंदगी उससे कहीं ज़्यादा अनमोल है। आपको पार्लर जाना छोड़ने की ज़रूरत नहीं है, बस थोड़ी सी जागरूकता (Awareness) अपनानी है। अगली बार पार्लर जाएं तो इन 4 बातों का सख्ती से पालन करें:
🧵 नया धागा सुनिश्चित करें
कभी भी पुराना या किसी और पर इस्तेमाल किया हुआ धागा खुद पर न लगने दें। अपनी आँखों के सामने नया धागा तोड़ने को कहें।
🧴 उपकरणों का सैनिटाइजेशन
कैंची, चिमटी (Plucker) या फेशियल के अन्य उपकरणों को इस्तेमाल से पहले स्पिरिट या सैनिटाइज़र से अच्छी तरह साफ़ करवाएं।
🧤 स्टाफ के ग्लव्स
फेशियल या थ्रेडिंग करने वाले स्टाफ से अनुरोध करें कि वे काम शुरू करने से पहले अपने हाथ धोएं या डिस्पोज़ेबल ग्लव्स (Gloves) पहनें।
✅ अपना पर्सनल किट ले जाएं
सबसे सुरक्षित तरीका: बाजार से अच्छी क्वालिटी का अपना एक ‘थ्रेडिंग रोल’ और प्लकर खरीदें और पार्लर जाते समय उसे अपने साथ ले जाएं।
निष्कर्ष: एक छोटी सी लापरवाही, ज़िंदगी भर की परेशानी
एक महिला का शरीर उसके परिवार और समाज का आधार है। कुछ रुपयों या थोड़े समय की बचत के लिए अपने शरीर रूपी मंदिर को ऐसे जानलेवा वायरस के हवाले न करें। आज ही स्मार्ट बनें, पार्लर में सवाल पूछने या साफ़-सफाई की मांग करने में कभी संकोच न करें, क्योंकि यह आपका अधिकार है।
इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपनी बेटियों, बहनों और सखियों के साथ अवश्य साझा करें। (सौजन्य: आयुष्य पथ – महिला स्वास्थ्य डेस्क)
अस्वीकरण (Disclaimer): ‘आयुष्य पथ’ पर प्रकाशित यह लेख केवल सामान्य जागरूकता और सूचना के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी योग्य चिकित्सा राय, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, संक्रमण के संदेह या चिकित्सा सलाह के लिए हमेशा अपने प्रमाणित चिकित्सक (Doctor) या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

