यूपी में ‘आयुष क्रांति’ की तैयारी: योगी सरकार लाएगी नई आयुष नीति, निवेश और रोजगार की खुलेगी राह
यूपी में ‘आयुष क्रांति’ की तैयारी: योगी सरकार लाएगी नई आयुष नीति, निवेश और रोजगार की खुलेगी राह
लखनऊ | आयुष्य पथ डेस्क (दिसंबर 2025)उत्तर प्रदेश को देश का ‘आयुष हब’ बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। आयुष सेक्टर (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) को वैश्विक पहचान दिलाने और राज्य में निवेश की बहार लाने के उद्देश्य से सरकार जल्द ही ‘नई आयुष नीति’ लागू करने जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बाद, आयुष विभाग ने इस नीति का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। इसका मुख्य लक्ष्य न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है, बल्कि आयुष को एक ‘उद्योग’ के रूप में स्थापित करना है।
क्या होगा नई आयुष नीति में खास?
सूत्रों और आयुष विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नीति में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर रोजगार तक हर पहलू पर फोकस किया गया है:
- अस्पतालों का अपग्रेडेशन: राज्य भर के आयुष अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन का एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार होगा।
- निवेशकों के लिए रेड कार्पेट: आयुष क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को सरकार सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी वित्तीय सहूलियतें प्रदान करेगी।
- PPP मॉडल पर जोर: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के जरिए नए अस्पताल और वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे।
- रोजगार और शिक्षा: युवाओं के लिए आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी में नए प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा।
- रिसर्च हब: उत्तर प्रदेश को आयुष अनुसंधान का केंद्र (Research Hub) बनाने की योजना है।
“मुख्यमंत्री जी ने आयुष कारोबार को विस्तार देने और देशभर से निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह नीति न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी, बल्कि यूपी को आयुष उद्योग में एक ब्रांड बनाएगी।”
— रंजन कुमार, प्रमुख सचिव, आयुष विभाग
वैश्विक बाजार पर नजर
सरकार की योजना केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। नई नीति के तहत ‘आयुष वेलनेस टूरिज्म’ को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे विदेशी पर्यटक इलाज और स्वास्थ्य लाभ के लिए उत्तर प्रदेश आ सकें। भारतीय पारंपरिक चिकित्सा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करना इस नीति का एक अहम हिस्सा है।
उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर 2025 के अंत तक या नए साल की शुरुआत में इस नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाएगी और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया जाएगा।
(संदर्भ: वेबदुनिया न्यूज़ रिपोर्ट्स एवं आधिकारिक घोषणाएं)

