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आयुष निर्यात में बंपर उछाल: 6.11% की वृद्धि के साथ $688.89 मिलियन पहुंचा आंकड़ा, AYUSHEXCIL की रिपोर्टर | Ayush Business News

आयुष निर्यात में बंपर उछाल: 6.11% की वृद्धि के साथ $688.89 मिलियन पहुंचा आंकड़ा, AYUSHEXCIL की रिपोर्ट | Ayush Business News

आयुष निर्यात में बंपर उछाल: 6.11% की वृद्धि के साथ $688.89 मिलियन पहुंचा आंकड़ा, AYUSHEXCIL की रिपोर्ट जारी

भारतीय पारंपरिक चिकित्सा और हर्बल उत्पादों की वैश्विक मांग में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (AYUSHEXCIL) ने कल नई दिल्ली में अपनी चौथी स्थापना वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर वाणिज्य मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के निर्यात आंकड़े जारी किए, जो ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता की कहानी बयां कर रहे हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 में कुल आयुष निर्यात

$688.89 मिलियन (अमेरिकी डॉलर)

(▲ 6.11% की वृद्धि)

आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में यह निर्यात 649.2 मिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 688.89 मिलियन डॉलर हो गया है। यह वृद्धि दर्शाती है कि दुनिया भर में लोग अब केमिकल मुक्त और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर लौट रहे हैं।

सफलता के मुख्य कारण

AYUSHEXCIL की स्थापना के बाद से आयुष सेक्टर के निर्यातकों को एक नई दिशा मिली है। परिषद ने निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया है:

  • बाजार विस्तार: प्रमुख विदेशी बाजारों में बी2बी (B2B) मीटिंग्स, रोड शो और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों का आयोजन।
  • नियामक सहायता: निर्यातकों को विदेशी कानूनों और नियमों (Regulatory Compliance) को समझने में मदद करना।
  • ‘आयुष क्वालिटी मार्क’: प्रधानमंत्री द्वारा 2025 में लॉन्च किए गए इस मार्क ने भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता पर वैश्विक भरोसे को मजबूत किया है।

व्यापार समझौतों का लाभ

भारत सरकार की कूटनीति भी इस वृद्धि में सहायक रही है। आयुष उत्पादों को अब द्विपक्षीय व्यापार समझौतों (FTAs) में विशेष स्थान मिल रहा है।

उदाहरण के लिए, भारत-ओमान सीईपीए (CEPA) और भारत-न्यूजीलैंड एफटीए में पारंपरिक चिकित्सा के लिए समर्पित प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे भारतीय कंपनियों के लिए इन देशों में व्यापार करना आसान हो गया है।

भविष्य का रोडमैप

अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश करते हुए, AYUSHEXCIL ने लक्ष्य रखा है कि वह मुक्त व्यापार समझौतों का अधिकतम लाभ उठाएगा और गुणवत्ता प्रमाणन ढांचे को और सख्त करेगा। यह उपलब्धि वैश्विक ‘वेलनेस इकोनॉमी’ में भारत की नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करती है।

(स्रोत: वाणिज्य मंत्रालय एवं AYUSHEXCIL प्रेस विज्ञप्ति – 5 जनवरी 2026)

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