पोषण पखवाड़ा 2026: AIIA नई दिल्ली में बच्चों के मस्तिष्क विकास पर आयुर्वेद सत्र
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) में ‘पोषण पखवाड़ा’ के तहत मस्तिष्क विकास पर जागरूकता व्याख्यान आयोजित
📍 नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2026 | आयुष्य पथ डेस्क

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में आयोजित जागरूकता सत्र की एक झलक
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली ने राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना” (Maximizing Brain Development in the 1st 6 Yrs of Life) रहा।
इस सत्र का आयोजन संस्थान के स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र (PTSR), कौमारभृत्य तथा स्वास्थ्यवृत्त विभागों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह विशेष रूप से ओपीडी रोगियों और उनके परिवारजनों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा की दृष्टि से अत्यंत प्रभावी रहा।
🎯 व्याख्यान के मुख्य बिंदु
डॉ. सानिका अफले (पीजी स्कॉलर) द्वारा प्रस्तुत इस इंटरैक्टिव सत्र में आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान के समन्वय पर जोर दिया गया:
- गर्भावस्था (Antenatal Care): गर्भवती माताओं के लिए संतुलित आहार और सात्विक जीवनशैली के महत्व पर चर्चा।
- फेटो-मैटरनल स्वास्थ्य: माँ और भ्रूण के स्वास्थ्य (Fetomaternal Well-being) को सुनिश्चित करने के आयुर्वेदिक उपाय।
- मस्तिष्क विकास: भ्रूण के मस्तिष्क विकास को इष्टतम (Optimum) बनाने हेतु विशिष्ट आहार और विहार।
- प्रारंभिक बचपन: जन्म के बाद पहले 6 वर्षों में पोषण और देखभाल की अनिवार्य आवश्यकता।
सत्र के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी (Quiz) ने प्रतिभागियों की भागीदारी को और अधिक जीवंत बना दिया, जिससे जटिल जानकारी को याद रखना आसान हुआ।
🎓 प्रमुख संकाय सदस्यों की उपस्थिति
कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने में निम्नलिखित संकाय सदस्यों ने अग्रणी भूमिका निभाई:
| नाम | पद एवं विभाग |
|---|---|
| डॉ. तेजस्विनी डी. बुछड़े | सहायक प्रोफेसर, PTSR विभाग |
| डॉ. प्रशांत कुमार गुप्ता | सहायक प्रोफेसर, कौमारभृत्य विभाग |
| डॉ. मीता झाला | सहायक प्रोफेसर, PTSR विभाग |
📅 पोषण पखवाड़ा 2026 का संदर्भ
यह आयोजन मिशन पोषण 2.0 के तहत 9 से 23 अप्रैल 2026 तक संचालित 8वें पोषण पखवाड़ा का एक हिस्सा है। इस वर्ष का राष्ट्रीय थीम “जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क विकास” पर केंद्रित है।
वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, 6 वर्ष की आयु तक मस्तिष्क का लगभग 85% विकास पूरा हो जाता है। इसलिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रारंभिक पोषण, खेल-आधारित शिक्षा और स्क्रीन टाइम को कम करने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
💡 आयोजन का महत्व
AIIA का यह प्रयास आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान-परंपरा को आधुनिक पोषण अभियान से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम है। संस्थान का मानना है कि गर्भावस्था से लेकर प्रारंभिक बचपन तक की सही देखभाल ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव रखती है।
(स्रोत: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक अपडेट्स)

