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प्रदूषण और ठंड से नाक बंद? रोज सुबह-शाम डालें 2 बूंद तेल, आयुष मंत्रालय ने बताया ‘प्रतिमर्श नस्य’ का जादुई असर

प्रदूषण और ठंड से नाक बंद? रोज सुबह-शाम डालें 2 बूंद तेल, आयुष मंत्रालय ने बताया ‘प्रतिमर्श नस्य’ का जादुई असर | Ayushya Path

प्रदूषण और ठंड से नाक बंद? रोज सुबह-शाम डालें 2 बूंद तेल, आयुष मंत्रालय ने बताया ‘प्रतिमर्श नस्य’ का जादुई असर

सर्दियों के मौसम में बढ़ता वायु प्रदूषण (Air Pollution) और कड़ाके की ठंड हमारे श्वसन तंत्र (Respiratory System) पर भारी पड़ रही है। सूखी नाक, साइनस, गले में खराश और लगातार छींक आना आम बात हो गई है।

इन समस्याओं से निपटने के लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने आज (11 जनवरी) एक बेहद सरल, प्रभावी और प्राचीन उपाय साझा किया है। इसे आयुर्वेद में ‘प्रतिमर्श नस्य’ (Pratimarsha Nasya) कहा जाता है। मंत्रालय ने इसे दैनिक जीवन का “श्वसन सुरक्षा कवच” बताया है।

आयुर्वेद का सूत्र:
“नासा हि शिरसो द्वारम्” (नाक ही सिर और चेतना का प्रवेश द्वार है)। यदि प्रवेश द्वार सुरक्षित है, तो पूरा शरीर सुरक्षित रहेगा।

क्या है ‘प्रतिमर्श नस्य’?

नस्य का अर्थ है नाक में औषधि डालना। ‘प्रतिमर्श’ इसका सबसे हल्का रूप है, जिसे कोई भी स्वस्थ व्यक्ति बिना किसी जटिल प्रक्रिया के रोजाना घर पर कर सकता है। इसमें मात्र 2-2 बूंद तेल का उपयोग होता है। यह एक ‘बायो-मास्क’ (Bio-Mask) की तरह काम करता है जो प्रदूषण के कणों को फेफड़ों तक जाने से रोकता है।

कैसे करें? (विधि और सामग्री)

मंत्रालय के अनुसार, इसे दिन में दो बार (सुबह नहाने के बाद और रात को सोने से पहले) करना चाहिए।

🛠️ सरल प्रक्रिया:

  1. सामग्री: शुद्ध तिल का तेल, नारियल तेल या गाय का देसी घी (हल्का गुनगुना करें)।
  2. स्टेप 1: बिस्तर पर आराम से लेट जाएं और सिर को थोड़ा पीछे झुकाएं।
  3. स्टेप 2: ड्रॉपर या साफ उंगली की मदद से दोनों नथुनों में 2-2 बूंद तेल या घी डालें।
  4. स्टेप 3: जोर से सांस खींचे (Sniff करें) ताकि तेल अंदर तक चला जाए।
  5. स्टेप 4: 1 मिनट लेटे रहें, फिर उठ जाएं।

इसके 4 बड़े फायदे

  • नेचुरल बैरियर: तेल नाक के अंदर एक चिकनी परत बना देता है। इससे हवा में मौजूद पीएम 2.5 (PM 2.5) कण, धूल और वायरस नाक की झिल्ली (Mucosa) से चिपक जाते हैं और शरीर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाते।
  • सूखी नाक से राहत: सर्दियों में नाक के अंदर पपड़ी जमना या खून आना (Nose Bleed) आम है। नस्य नाक को अंदर से नम (Hydrated) रखता है।
  • इम्यूनिटी बूस्टर: यह स्थानीय प्रतिरक्षा (Local Immunity) को बढ़ाता है, जिससे बार-बार सर्दी-जुकाम नहीं होता।
  • मानसिक लाभ: आयुर्वेद के अनुसार, यह तनाव कम करता है, नींद अच्छी लाता है और समय से पहले बालों को सफेद होने से रोकता है।

निष्कर्ष

आयुष मंत्रालय का संदेश साफ है— “छोटे कदम से बड़ा स्वास्थ्य लाभ”। मास्क बाहर की सुरक्षा है, लेकिन ‘प्रतिमर्श नस्य’ आपके शरीर की आंतरिक सुरक्षा है। इस सर्दी, इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं।

(नोट: यदि आपको नाक में कोई गंभीर इन्फेक्शन है या बुखार है, तो इसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।)

(स्रोत: आयुष मंत्रालय आधिकारिक X पोस्ट (@moayush), दिनांक 11 जनवरी 2026 एवं चरक संहिता)

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