आयुष शिक्षा में ‘गुणवत्ता और पारदर्शिता’ पर जोर: केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने की NCISM और NCH के साथ हाई-लेवल बैठक
आयुष शिक्षा में ‘गुणवत्ता और पारदर्शिता’ पर जोर: केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने की NCISM और NCH के साथ हाई-लेवल बैठक
नई दिल्ली | आयुष्य पथ डेस्क (01 जनवरी 2026)(सौजन्य: @mpprataprao / PIB)
भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी क्रम में, केंद्रीय आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने बुधवार (31 दिसंबर 2025) को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (NCISM) और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) के नव नियुक्त पदाधिकारियों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु आयुष शिक्षा प्रणाली में ‘गुणवत्ता’ (Quality) और ‘पारदर्शिता’ (Transparency) को बढ़ाना रहा।
बैठक के प्रमुख बिंदु
- शिक्षा में सुधार: मंत्री ने जोर दिया कि आयुष कॉलेजों में दी जा रही शिक्षा न केवल सैद्धांतिक हो, बल्कि शोध और साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) हो।
- वैश्विक रणनीति: आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने और मान्यता दिलाने के लिए नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
- विकसित भारत 2047: इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जहां भारत स्वास्थ्य और कल्याण (Wellness) के क्षेत्र में विश्व गुरु की भूमिका निभाएगा।
श्री प्रतापराव जाधव ने नव नियुक्त पदाधिकारियों को उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम पारंपरिक चिकित्सा को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यह सुधार और नवाचार का समय है।”
यह बैठक इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्ष में आयुष मंत्रालय शिक्षा के क्षेत्र में कड़े मानक लागू कर सकता है, जिससे छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित होगा।
(स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो – PIB, भारत सरकार)
HTML Title Tag: | Ayushya PathMeta Description: Keywords / Tags: .Short URL (Slug):

