कामकाजी महिलाओं में बढ़ रहा ‘Bone Health Crisis’: हड्डियां हो रही हैं खोखली, जानें आयुर्वेद और योग से बचाव
कामकाजी महिलाओं में ‘Bone Health Crisis’: डेस्क जॉब और AC ऑफिस बना रहे हड्डियों को खोखला, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी
नई दिल्ली | आयुष्य पथ स्वास्थ्य डेस्क
भारत में कामकाजी महिलाओं (Working Women) के बीच एक नया और गंभीर स्वास्थ्य संकट उभर रहा है। मेडिकल डायलॉग्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक बैठकर काम करने (Sedentary Lifestyle) और सूरज की रोशनी की कमी के कारण महिलाओं में कम उम्र में ही हड्डियां कमजोर (Osteopenia/Osteoporosis) हो रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 30 से 40 की उम्र में ही महिलाओं को जोड़ों में दर्द और कमर दर्द की शिकायत हो रही है।
आयुर्वेद का दृष्टिकोण: वात दोष और अस्थि धातु
आयुर्वेद के अनुसार, लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने और तनाव से शरीर में ‘वात दोष’ बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ वात हड्डियों की नमी सोख लेता है, जिससे ‘अस्थि धातु’ (Bone Tissue) कमजोर होने लगती है।
प्राकृतिक चिकित्सा और आहार (Diet & Nature Cure)
- धूप सेवन (Sunbathing): विटामिन D की कमी को पूरा करने के लिए रोजाना सुबह 15-20 मिनट रीढ़ की हड्डी पर धूप लें।
- आयुर्वेदिक सुपरफूड: डाइट में रागी (कैल्शियम का पावरहाउस), सहजन (Moringa), सफेद तिल और गाय का दूध शामिल करें।
- अभ्यंग: हफ्ते में एक बार तिल के तेल से मालिश जरूर करें, यह वात नाशक है।
हड्डियों की मजबूती के लिए योगासन
हड्डियों की डेंसिटी (Density) बढ़ाने के लिए ये आसन करें:
- वृक्षासन (Tree Pose): पैरों और एड़ियों की मजबूती के लिए।
- वीरभद्रासन (Warrior Pose): घुटनों और कमर को ताकत देने के लिए।
- सेतुबंधासन (Bridge Pose): कमर दर्द और रीढ़ की हड्डी के लिए रामबाण।
आयुष्य पथ सलाह: ऑफिस में हर एक घंटे के बाद 5 मिनट का ‘स्ट्रेचिंग ब्रेक’ जरूर लें। कैल्शियम की गोलियों से बेहतर है प्राकृतिक स्रोतों को अपनाना।

