सर्दियों का ‘सुरक्षा कवच’: ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां आपको रखेंगी अंदर से गर्म और बीमारियों से दूर
जैसे-जैसे पारा गिर रहा है और हवा में ठंडक बढ़ रही है, हमारा शरीर कमजोर पड़ने लगता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह ‘हेमंत’ और ‘शिशिर’ ऋतु का समय है जब शरीर में कफ (Kapha) और वात (Vata) दोष का प्रकोप बढ़ जाता है। नतीजा? सर्दी, जुकाम, खांसी और जोड़ों का दर्द।
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