आचार रसायन: बिना औषधि के कायाकल्प और लंबी उम्र का वैदिक रहस्य
चरक संहिता के चिकित्सा स्थान (अध्याय 1, पाद 4, श्लोक 30-35) में महर्षि चरक कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति अपने आचरण (Behavior) और व्यवहार (Conduct) को संतुलित कर ले, तो उसे किसी भी औषधि के बिना ही रसायन (बुढ़ापा रोधी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला) के गुण प्राप्त हो जाते हैं।
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