आयुषॉफ्ट: आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा का डिजिटल ज्ञान भंडार

आयुषॉफ्ट (Ayusoft): आयुर्वेद की प्राचीन संहिताएं और स्वास्थ्य टूल्स अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक क्रांतिकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘आयुषॉफ्ट’ (Ayusoft) लॉन्च किया है। यह पहल आयुष ग्रिड (Ayush Grid) के तहत आयुर्वेद की प्राचीन संहिताओं, विश्वकोशों और वैज्ञानिक स्वास्थ्य मूल्यांकन टूल्स को एक ही छत के नीचे लाने के लिए शुरू की गई है।
मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से जानकारी दी कि आयुषॉफ्ट प्लेटफॉर्म का उद्देश्य शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और आम जनता को प्रामाणिक आयुर्वेदिक ज्ञान तक आसान पहुंच प्रदान करना है। यह प्लेटफॉर्म “परंपरा को संरक्षित करते हुए भविष्य को सशक्त बनाने” के सिद्धांत पर आधारित है।
आयुषॉफ्ट के प्रमुख डिजिटल टूल्स और संसाधन
यह प्लेटफॉर्म न केवल आयुर्वेद बल्कि सिद्ध और यूनानी चिकित्सा प्रणालियों से जुड़े कई विशेष सब-पोर्टल्स और टूल्स का संग्रह है:
- ई-संहिता (e-Samhita): प्राचीन आयुर्वेदिक क्लासिकल ग्रंथों का विस्तृत डिजिटल संग्रह।
- प्रकृति एनालिसिस: व्यक्ति की शारीरिक संरचना और आयुर्वेदिक प्रकृति का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने वाला टूल।
- स्वास्थ्य मूल्यांकन स्केल (SAS): स्वस्थ व्यक्ति के पैरामीटर्स के आधार पर स्वास्थ्य स्थिति का आकलन।
- मिजाज और यक्कै इलक्कनम: यूनानी चिकित्सा के लिए ‘मिजाज’ मूल्यांकन और सिद्ध चिकित्सा के लिए विशेष टूल।
- आयुर्विद्याना (Aayur-vidnyaana): आयुर्वेद की ऐतिहासिक विरासत और ज्ञान संसाधनों का भंडार।
यह प्लेटफॉर्म आयुर्वेद डिक्शनरी और अन्य शोध संसाधनों के माध्यम से शोधार्थियों के लिए एक व्यापक ज्ञान भंडार के रूप में कार्य करता है। यह डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में आयुष मंत्रालय का एक बड़ा कदम है, जो पारंपरिक चिकित्सा को साक्ष्य-आधारित और सुलभ बनाता है।

