भारत के हेल्थकेयर में AI की महाक्रांति | IndiaAI Mission

स्वास्थ्य सेवाओं में AI की महाक्रांति: ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ के लक्ष्य को तेजी से साकार कर रहा भारत
भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल एक भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि एक ‘जीवनरक्षक शक्ति’ बन चुका है। भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में AI के एकीकरण से देश भर में, विशेषकर ग्रामीण और अल्प-सेवित क्षेत्रों में, चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में अभूतपूर्व सुधार आया है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की नवीनतम रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि AI भारत को वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अग्रणी राष्ट्र बना रहा है।
🚀 प्रमुख स्वास्थ्य पहलों में AI का ‘गेम-चेंजिंग’ प्रभाव
2022 से 2025 के बीच, AI उपकरणों ने न केवल विशेषज्ञों की कमी को पूरा किया है, बल्कि प्रिवेंटिव केयर (सक्रिय देखभाल) को भी भारी बढ़ावा दिया है:
- टीबी उन्मूलन (TB Elimination): AI-आधारित पूर्वानुमान विश्लेषण और ‘डीप सीएक्सआर’ (Deep CXR) टूल से टीबी के प्रतिकूल परिणामों में 27% की भारी कमी आई है। यह प्रणाली 8 राज्यों में सफलतापूर्वक लागू है।
- डायबिटीज और आंखों की देखभाल: ‘मधुनेत्रAI’ (MadhunetraAI) उपकरण ने 38 स्वास्थ्य सुविधाओं में 7,100 से अधिक रोगियों की रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग की है। दिसंबर 2025 में इसे सामुदायिक स्तर पर लॉन्च किया गया है।
- टेलीमेडिसिन में क्रांति: सरकार के ई-संजीवनी (eSanjeevani) प्लेटफॉर्म पर AI की मदद से अब तक 282 मिलियन (28.2 करोड़) से अधिक परामर्श दिए जा चुके हैं।
- पारंपरिक चिकित्सा का आधुनिकीकरण: ‘आयुर्जेनोमिक्स’ (Ayurgenomics) ने प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपचारों को डिजिटाइज किया है। जुलाई 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे एक ‘वैश्विक मॉडल’ के रूप में मान्यता दी है।
- महामारी नियंत्रण: मीडिया डिजीज सर्विलांस के तहत AI ने 4,500 से अधिक चेतावनियां जारी कर महामारी नियंत्रण में अहम भूमिका निभाई है।
💻 इंडियाAI मिशन: स्वास्थ्य परिवर्तन का मजबूत आधार
मार्च 2024 में 10,371.92 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू हुए ‘इंडियाAI मिशन’ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों और सामाजिक चुनौतियों तक AI का लाभ पहुंचाना है।
- बुनियादी ढांचा: मार्च 2025 तक AIIMS दिल्ली, PGIMER चंडीगढ़ और AIIMS ऋषिकेश में AI उत्कृष्टता केंद्र (CoE) स्थापित किए गए हैं।
- सफल केस स्टडी (महाराष्ट्र): आईएएस अधिकारी श्री गुप्ता के नेतृत्व में महाराष्ट्र में AI मशीन द्वारा स्कूली भोजन की गुणवत्ता जांची गई। 2,100+ डेटा पॉइंट्स के विश्लेषण से कुपोषण के स्तर में शानदार सुधार हुआ, और अब इस मॉडल को अन्य स्कूलों में भी दोहराया जा रहा है।
- नैतिक निगरानी: सभी पहलें ICMR (2023) और MeitY के AI गवर्नेंस दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कर रही हैं।
📊 निजी क्षेत्र और स्टार्टअप्स की शानदार भागीदारी
सरकारी प्रयासों के साथ-साथ हेल्थ-टेक स्टार्टअप्स भी AI के जरिए करोड़ों लोगों तक पहुंच रहे हैं:
| स्टार्टअप / कंपनी | स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान / प्रभाव |
|---|---|
| Qure.ai | प्रति वर्ष 15 मिलियन (1.5 करोड़) रोगियों को सेवाएं। |
| CareNX | 5 लाख से अधिक माताओं को गर्भावस्था में सहायता। |
| क्लाउडफिजिशियन | 1,30,000+ गंभीर रोगियों की दूरस्थ निगरानी (ICU)। |
| थर्मलीटिक्स (Niramai) | 75,000+ महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) स्क्रीनिंग। |
| निमोकेयर रक्षा | 20,000+ नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य रक्षा। |
| 3 नेत्रा | 30 लाख (3 मिलियन) से अधिक आंखों की स्क्रीनिंग। |
🏥 आयुष्मान भारत और डिजिटल हेल्थ (ABDM)
AI ने भारत के डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को अभेद्य और पारदर्शी बना दिया है। आयुष्मान भारत (AB-PMJAY) में AI के सक्रिय उपयोग से धोखाधड़ी (Fraud) को सफलतापूर्वक रोका गया है। वहीं, अगस्त 2025 तक 799 मिलियन डिजिटल हेल्थ ID बनाए जा चुके हैं, जिनसे 671 मिलियन से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए गए हैं। ‘ईका डॉक’ और ‘Sunoh.Ai’ जैसे AI टूल्स लाखों मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन को डिजिटल रूप दे रहे हैं।
🌐 आगामी कदम: IndiaAI Impact Summit 2026
AI को मानवता के कल्याण और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य के साथ जोड़ते हुए, 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में IndiaAI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें वैश्विक नेता, तकनीकी दिग्गज और नीति निर्माता शामिल होंगे। भारत सरकार की यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि AI केवल भविष्य नहीं है, बल्कि यह आज की वास्तविकता है जो करोड़ों भारतीयों के स्वास्थ्य को सुरक्षित कर रही है।

