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योग सीखते समय रहें सावधान: अप्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों से बढ़ सकता है जोखिम | आयुष्य पथ न्यूज़

⚠️ योग सीखते समय रहें सावधान: अप्रशिक्षित और अनुभव की कमी वाले योग प्रशिक्षकों से बढ़ सकता है जोखिम

आयुष्य पथ न्यूज़ | योग, स्वास्थ्य एवं जागरूकता

योग आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। बड़ी संख्या में लोग योग कक्षाओं, सामुदायिक शिविरों और व्यक्तिगत प्रशिक्षण के माध्यम से योग सीख रहे हैं।

लेकिन योग की बढ़ती लोकप्रियता के साथ एक महत्वपूर्ण प्रश्न भी सामने आता है—योग सिखाने वाला व्यक्ति कितना प्रशिक्षित है और उसे योग प्रशिक्षण का कितना व्यावहारिक अनुभव है?

योग केवल अलग-अलग आसनों की नकल करने का नाम नहीं है। सुरक्षित योग शिक्षण में आसन की सही तकनीक, श्वास, अभ्यास का क्रम, व्यक्ति की क्षमता, सुरक्षा सावधानियाँ और आवश्यकतानुसार अभ्यास में परिवर्तन की समझ महत्वपूर्ण होती है।

इसलिए अप्रशिक्षित या पर्याप्त अनुभव की कमी वाले व्यक्ति से योग सीखना सावधानी का विषय हो सकता है।

⚠️ अप्रशिक्षित या अनुभव की कमी वाले प्रशिक्षक से क्या जोखिम हो सकते हैं?

1. गलत तकनीक और मुद्रा

यदि किसी आसन की सही स्थिति, गति और सीमा का उचित मार्गदर्शन न मिले तो साधक अपनी क्षमता से अधिक प्रयास कर सकता है।

इससे मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द या अन्य अभ्यास-संबंधी चोटों का जोखिम बढ़ सकता है।

योग में “जितना अधिक, उतना बेहतर” का सिद्धांत लागू नहीं होता। अभ्यास व्यक्ति की क्षमता और अनुभव के अनुसार होना चाहिए।

2. रीढ़ और जोड़ों पर अनावश्यक दबाव

आगे झुकने, पीछे झुकने, मरोड़ वाले या अपेक्षाकृत कठिन आसनों में सही तकनीक और क्रम का विशेष महत्व होता है।

गलत तकनीक, अत्यधिक जोर या शरीर की सीमा की अनदेखी से रीढ़ और जोड़ों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।

यदि किसी व्यक्ति को पहले से पीठ, गर्दन, घुटने या अन्य शारीरिक समस्या है, तो अभ्यास को उसकी स्थिति के अनुसार संशोधित करना आवश्यक हो सकता है।

3. प्राणायाम में भी उचित प्रशिक्षण आवश्यक

प्राणायाम केवल सांस को तेज या अधिक देर तक लेने-रोकने का अभ्यास नहीं है।

श्वास की गति, अवधि, तकनीक और अभ्यास की तीव्रता का उचित ज्ञान आवश्यक है। विशेष रूप से अपेक्षाकृत तीव्र अभ्यासों को बिना उचित प्रशिक्षण के करने से कुछ लोगों को चक्कर, असहजता, घबराहट या अन्य परेशानी महसूस हो सकती है।

इसलिए प्राणायाम भी उचित तकनीक और क्रमिक अभ्यास के साथ किया जाना चाहिए।

4. स्वास्थ्य संबंधी विशेष परिस्थितियों की अनदेखी

हर व्यक्ति की शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति अलग होती है।

उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्या, गर्भावस्था, हर्निया, हाल की सर्जरी, गंभीर दर्द या अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में कुछ योग अभ्यासों के लिए विशेष सावधानी आवश्यक हो सकती है।

एक जिम्मेदार प्रशिक्षक को साधक की आवश्यक जानकारी समझने, उचित सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह देने में सक्षम होना चाहिए।

योग प्रशिक्षक चिकित्सक का विकल्प नहीं है। किसी बीमारी के निदान या चिकित्सा उपचार के लिए योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क आवश्यक है।

🛡️ सही योग प्रशिक्षक का चयन कैसे करें?

1️⃣ प्रशिक्षण और प्रमाणन की जानकारी लें

योग प्रशिक्षक से उसकी योग शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रमाणन और संबंधित योग्यता के बारे में जानकारी लेना उचित है।

भारत में योग प्रमाणन बोर्ड (YCB), आयुष मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर योग पेशेवरों के प्रमाणन की व्यवस्था करता है।

इसलिए यदि कोई प्रशिक्षक किसी प्रमाणन का दावा करता है तो उसकी प्रमाणिकता और प्रमाणन का स्तर भी जांचना उपयोगी है।

केवल “प्रमाणित”, “सरकारी मान्यता प्राप्त” या “आयुष से जुड़े” जैसे सामान्य शब्दों पर निर्भर न रहें। प्रमाणपत्र किस संस्था ने जारी किया है और उसका वास्तविक स्तर क्या है, इसकी जानकारी प्राप्त करें।

2️⃣ अनुभव के बारे में पूछें

प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी महत्वपूर्ण है।

प्रशिक्षक से यह समझें कि वह कितने समय से योग सिखा रहा है, किस आयु वर्ग के लोगों के साथ काम करता है और उसका अनुभव किस प्रकार के योग प्रशिक्षण में है।

विशेष परिस्थितियों वाले लोगों के लिए योग कराने का अनुभव और सामान्य योग कक्षा संचालित करने का अनुभव एक समान नहीं माना जाना चाहिए।

3️⃣ पहली कक्षा में प्रशिक्षक के व्यवहार पर ध्यान दें

योग कक्षा में यह देखें कि प्रशिक्षक:

  • आसन की सही तकनीक समझाता है या नहीं।
  • अभ्यास को धीरे-धीरे और क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाता है या नहीं।
  • साधक की शारीरिक क्षमता का सम्मान करता है या नहीं।
  • दर्द होने पर अभ्यास रोकने या संशोधित करने की सलाह देता है या नहीं।
  • कठिन आसनों के लिए आवश्यक तैयारी कराता है या नहीं।
  • प्राणायाम की तकनीक और सावधानियाँ समझाता है या नहीं।
  • स्वास्थ्य संबंधी विशेष परिस्थितियों वाले साधकों के प्रति आवश्यक सावधानी बरतता है या नहीं।
  • हर व्यक्ति को एक ही अभ्यास करने के लिए बिना सोचे-समझे मजबूर तो नहीं करता।

🧘 योग में प्रदर्शन नहीं, सुरक्षित और सही अभ्यास महत्वपूर्ण है

सोशल मीडिया पर कठिन आसनों का प्रदर्शन देखकर किसी व्यक्ति को योग का विशेषज्ञ मान लेना उचित नहीं है।

एक अच्छा योग प्रशिक्षक केवल आसन दिखाने वाला व्यक्ति नहीं होता।

उसे योग अभ्यास की तकनीक, क्रम, श्वास, शरीर की सीमाओं और सुरक्षा संबंधी मूलभूत बातों की समझ होनी चाहिए तथा साधकों को उनकी क्षमता के अनुसार अभ्यास कराने की जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

योग का उद्देश्य शरीर को अपनी सीमा से अधिक मोड़ना या कठिन आसनों का प्रदर्शन करना नहीं है।

योग में गुणवत्ता, क्रमिक प्रगति और सुरक्षा—तीनों महत्वपूर्ण हैं।

🌿 साधकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश

योग शुरू करने से पहले केवल यह न देखें कि प्रशिक्षक कितना लोकप्रिय है या उसकी कक्षा कितनी सस्ती है।

यह भी देखें:

  • प्रशिक्षक की योग्यता क्या है?
  • उसका प्रशिक्षण कहाँ से हुआ है?
  • क्या उसका प्रमाणन सत्यापित किया जा सकता है?
  • उसका व्यावहारिक अनुभव कितना है?
  • क्या वह सुरक्षा को प्राथमिकता देता है?
  • क्या वह व्यक्ति की क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अभ्यास में बदलाव करता है?

यदि किसी अभ्यास के दौरान तेज दर्द, चक्कर, सांस लेने में असामान्य परेशानी या अन्य असहज लक्षण महसूस हों, तो अभ्यास रोकना और आवश्यकतानुसार योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

🇮🇳 आयुष नीति और गुणवत्ता की भावना

भारत में योग को व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और पेशेवर रूप से आगे बढ़ाने के लिए योग शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रमाणन से संबंधित व्यवस्थाओं को विकसित किया गया है।

इसी व्यापक उद्देश्य की भावना के अनुरूप योग साधकों में भी गुणवत्ता, दक्षता, सुरक्षा और जिम्मेदार योग शिक्षण के प्रति जागरूकता आवश्यक है।

योग का विस्तार तभी अधिक सार्थक होगा, जब योग की लोकप्रियता के साथ योग शिक्षण की गुणवत्ता और सुरक्षा भी मजबूत हो।

🕉️ आयुष्य पथ न्यूज़ की अपील

योग सीखें—लेकिन सही प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन के साथ।

अप्रशिक्षित या पर्याप्त अनुभव की कमी वाले व्यक्ति से योग सीखने के बजाय प्रशिक्षक की योग्यता, प्रशिक्षण, प्रमाणन और अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

विशेष रूप से बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों तथा किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए प्रशिक्षक का जिम्मेदार और सुरक्षित दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

योग स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है—इसे सुरक्षित, वैज्ञानिक और जिम्मेदार तरीके से अपनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

स्रोत: योग प्रमाणन बोर्ड (YCB), आयुष मंत्रालय

संपादकीय प्रस्तुति: आयुष्य पथ न्यूज़

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