India AI Impact Summit 2026: प्राइमरी हेल्थकेयर व बड़ी खबरें
प्राइमरी हेल्थकेयर में AI का महा-विस्तार और दिनभर की प्रमुख स्वास्थ्य खबरें
1. प्राइमरी हेल्थकेयर में AI: फ्रंटलाइन वर्कर्स को ‘AI-रेडी’ बनाने पर जोर
नई दिल्ली में चल रहे ‘India AI Impact Summit 2026’ (16-20 फरवरी) में आज भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली के भविष्य पर गंभीर चर्चा हुई। “Workforce Readiness for Artificial Intelligence in Primary Healthcare” सत्र में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए हमारी ‘मानव पूंजी’ (Human Capital) यानी आशा कार्यकर्ताओं (ASHA), ANM और CHO का ‘AI-साक्षर’ होना सबसे जरूरी है।
समिट की मुख्य विशेषताएं और निष्कर्ष:
- तेज़ और सटीक डायग्नोसिस: AI की मदद से अब ट्यूबरकुलोसिस (TB), कैंसर, डायबिटीज और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में और तेजी से हो रही है।
- ई-संजीवनी (eSanjeevani) की सफलता: AI-सपोर्टेड इस टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक 449 मिलियन (44.9 करोड़) से अधिक टेलीकंसल्टेशन किए जा चुके हैं, जो डॉक्टरों की कमी को दूर कर रहा है।
- क्षेत्रीय भाषाओं में ट्रेनिंग: फ्रंटलाइन वर्कर्स में AI लिटरेसी बढ़ाने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और NHM के तहत हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में ट्रेनिंग मॉड्यूल बनाए जा रहे हैं।
- एथिकल फ्रेमवर्क: SAHI (Safe & Ethical AI in Health) और BODH (Building Oversight for Digital Health) के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि AI डॉक्टरों का ‘सपोर्ट’ करे, उन्हें ‘रिप्लेस’ (प्रतिस्थापित) न करे।
- पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP): MadhuNetrAI (आंखों की जांच के लिए) और CA-TB (टीबी डिटेक्शन) जैसे AI टूल्स फील्ड में अत्यधिक सफल सिद्ध हो रहे हैं।
2. देश-दुनिया के अन्य प्रमुख स्वास्थ्य अपडेट्स
एक ग्लोबल स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि भारत में डायबिटीज के मरीजों में हार्ट फेलियर के 13% मामलों का मुख्य कारण ‘शारीरिक निष्क्रियता’ है। विशेषज्ञों ने बचाव के लिए नियमित योग, वॉकिंग और डेली फिजिकल एक्टिविटी को अनिवार्य बताया है। (स्रोत: द हिंदू)
मैसूर जिले ने शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality) को शून्य करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि 2025 में यहाँ 311 शिशु मृत्यु दर्ज की गईं (जो राज्य के औसत से कम है), लेकिन अब RBSK टीमों को कुपोषण (Malnutrition) समाप्त करने पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि आर्थिक विकास, स्वास्थ्य और पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने ‘राइट टू क्लीन एनवायरनमेंट’ (स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार) को भारतीय नागरिकों के जीवन के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा बताया है।
कोग्निटिव इंपेयरमेंट के लिए CANTAB Pathway™ और मेंटल हेल्थ के लिए Wysa चैटबॉट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, मनोवैज्ञानिकों का स्पष्ट मत है कि ये टूल्स प्रारंभिक सहायता के लिए हैं, ये किसी विशेषज्ञ डॉक्टर का विकल्प नहीं बन सकते।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट योग या व्यायाम करें। इससे डायबिटीज में हार्ट फेलियर का जोखिम 13% तक कम होता है।
- ग्रामीण भारत में अगर आपकी आशा वर्कर AI टूल का इस्तेमाल कर रही है, तो उसमें सहयोग करें। यह आपकी सटीक जांच के लिए है।
- मानसिक स्वास्थ्य के लिए AI चैटबॉट का उपयोग करें, लेकिन गंभीर स्थिति में हमेशा विशेषज्ञ (Psychiatrist/Counselor) से मिलें।

