विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पारंपरिक चिकित्सा के डिजिटलीकरण पर दिया जोर
नई दिल्ली
लक्ष्यः WHO का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक डेटाबेस का निर्माण करना है, ताकि इन पद्धतियों को साक्ष्य-आधारित तरीके से समझा जा सके और स्वास्थ्य सेवा की गुणवताा को सुधारा जा सके।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में एकीकृत करने के प्रयास में, इसके डिजिटलीकरण और मानकीकरण पर विशेष जोर दिया है।
पहलः WHO ने सभी सदस्य देशों से आग्रह किया है कि वे पारंपरिक उपचारों, हर्बल फॉर्मूलेशन और योगाभ्यासों के प्रभावों को वैज्ञानिक रूप से दर्ज करने के लिए डिजिटल प्लेटफर्म विकसित करें।आयुष के लिए
महत्वः यह पहल आयुष ग्रिड और ई-औषधि जैसे भारतीय प्लेटफार्म को वैश्विक मंच पर मान्यता दिलाएगी। यह आयुष मन्दिरम् जैसे संस्थानों के लिए अपने प्रोटोकॉल की गुणवत्ता को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप दर्ज करने का एक स्पष्ट संकेत है।
(स्रोत: आयुष मंत्रालय और प्रेस सूचना ब्यूरो के अधिकारिक प्रकाशन)
“यह लेख ‘आयुष्य पथ’ साप्ताहिक न्यूज़लेटर के अंक-01 से लिया गया है। पूरा अंक PDF में पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।”

