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दूसरे WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन का शंखनाद

नई दिल्ली: आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगामी दूसरे वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन‘ (2nd WHO Global Traditional Medicine Summit) के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

1. कब और कहाँ: यह ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन 17 से 19 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

2. उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा (Traditional Medicine) को साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) बनाना और इसे आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर वैश्विक स्वास्थ्य का हिस्सा बनाना है।

3. राजदूतों का सम्मेलन: इस आयोजन से पहले, आयुष मंत्रालय ने नई दिल्ली में विभिन्न देशों के राजदूतों और राजनयिकों के लिए एक विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री (आयुष) श्री प्रतापराव जाधव मुख्य अतिथि थे।

शिखर सम्मेलन की थीम: इस बार का विषय है—

संतुलन बहाल करना: स्वास्थ्य और कल्याण का विज्ञान और कार्यप्रणाली’** (Restoring Balance: The Science and Practice of Health and Well-being)।

मंत्रियों और अधिकारियों का विजन: श्री प्रतापराव जाधव (केंद्रीय मंत्री): “हमारा लक्ष्य अनुसंधान को मजबूत करना और पारंपरिक चिकित्सा के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बढ़ाना है।”

वैद्य राजेश कोटेचा (सचिव, आयुष): “यह सम्मेलन मानकों को सुदृढ़ करने और वैश्विक सहयोग के माध्यम से न्यायसंगत पहुंच (Equitable Access) सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा।”

निष्कर्ष: यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए दुनिया को यह दिखाने का एक बड़ा अवसर है कि कैसे आयुर्वेद और योग जैसी पद्धतियां आधुनिक वैज्ञानिक कसौटी पर खरी उतरकर ‘सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज’ (Universal Health Coverage) में योगदान दे सकती हैं।

स्रोत/संदर्भ: PIB, आयुष मंत्रालय प्रेस विज्ञप्ति

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