योग शिक्षा में मानकीकरण: राष्ट्रीय पहल और उभरता YT-QSEP मॉडल
योग शिक्षा में मानकीकरण और सुरक्षा: राष्ट्रीय पहल के साथ उभरता YT-QSEP मॉडल
योग शिक्षा में गुणवत्ता और सुरक्षा के व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप उभरता जमीनी मॉडल
“यह पहल ‘Yoga for All’ और ‘Safe Yoga Practice’ के राष्ट्रीय फोकस के अनुरूप है, जो योग को वैश्विक मानकों पर और अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक कदम है।”
रेवाड़ी (हरियाणा) | आयुष और नीति डेस्क | आयुष्य पथ
भारत में योग अभ्यासों को अधिक सुरक्षित, प्रामाणिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर प्रयास तेज हो गए हैं। नई दिल्ली में 30 मार्च 2026 को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा आयोजित ‘योग अनुभागीय समिति’ (AYD-02) की सातवीं बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि योग की शिक्षा और अभ्यास में मानकीकरण (Standardization) समय की सबसे बड़ी मांग है।
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) के निदेशक डॉ. काशीनाथ समगंडी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस हाइब्रिड बैठक में योग की विश्वसनीयता, सुरक्षा और वैश्विक स्वीकार्यता (Global Acceptance) को मजबूत करने की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा की गई।
व्यापक राष्ट्रीय फोकस के अनुरूप YT-QSEP मॉडल
राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे इन नीतिगत और महत्वपूर्ण सुधारों के बीच, योग शिक्षा को जमीनी स्तर पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए ‘आयुष्य मन्दिरम्’ के अंतर्गत संचालित YT-QSEP (Yoga Teaching Quality & Safety Enhancement Program) एक अत्यंत प्रासंगिक मॉडल के रूप में उभरता है।
आचार्य डॉ. जयप्रकाशानन्द जी द्वारा स्थापित ‘आयुष्य मन्दिरम्’ के बैनर तले तैयार किया गया यह कार्यक्रम योग शिक्षा में सुरक्षा, गुणवत्ता और मानकीकरण के उन प्रमुख सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया गया है, जिन पर राष्ट्रीय स्तर पर भी जोर दिया जा रहा है।
YT-QSEP की प्रासंगिकता और मुख्य उद्देश्य
हमारा मानना है कि योग केवल आसनों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इसके लिए एक सुरक्षित और वैज्ञानिक ढांचे की आवश्यकता होती है। YT-QSEP इसी दिशा में कार्य करते हुए निम्नलिखित स्तंभों पर केंद्रित है:
📚 1. शिक्षण गुणवत्ता में वृद्धि (Quality)
योग प्रशिक्षकों को प्रामाणिक, मानकीकृत और वैज्ञानिक विधियों से प्रशिक्षित करना ताकि ज्ञान का सही हस्तांतरण हो सके।
🛡️ 2. अभ्यास में सुरक्षा (Safety)
शारीरिक एनाटॉमी (Anatomy) और स्वास्थ्य सीमाओं को ध्यान में रखते हुए चोट-मुक्त (Injury-free) योग अभ्यास सुनिश्चित करना।
🤝 3. नीतिगत संरेखण (Alignment)
योग क्षेत्र में उभरते राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप दृष्टिकोण विकसित करना।
“वेलनेस क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों के अनुसार, जब राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकरण के प्रयास होते हैं, तो ‘YT-QSEP’ जैसे जमीनी स्तर के गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रम योग शिक्षा को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाते हैं।”
यह पहल योग को सुरक्षित और सर्व-सुलभ बनाने के ‘स्वस्थ भारत’ संकल्प की दिशा में एक ठोस कदम है।
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⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer): यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। चिकित्सीय सलाह के लिए डॉक्टर से परामर्श करें।
क्या योग शिक्षा में मानकीकरण समय की मांग है? पढ़िए राष्ट्रीय प्रयासों (MDNIY/BIS) और जमीनी स्तर पर उभरते YT-QSEP मॉडल पर हमारी विशेष रिपोर्ट।”

