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योग: निवारक स्वास्थ्य सेवा का मुख्य आधार |Ayushya Path

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आयुष्य पथ – हेल्थ एवं वेलनेस बुलेटिन

निवारक स्वास्थ्य सेवा (Preventive Healthcare) विशेष

योग बना ‘निवारक स्वास्थ्य सेवा’ का सबसे बड़ा हथियार: दैनिक पायनियर की रिपोर्ट और ‘आयुष्य मन्दिरम्’ की जमीनी पहल

रेवाड़ी | 13 मार्च, 2026 | रिपोर्ट: आयुष्य पथ डेस्क

रेवाड़ी: आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और दवाइयों के बढ़ते खर्च के बीच, योग अब विश्व स्तर पर निवारक स्वास्थ्य सेवा (Preventive Healthcare) का सबसे सुलभ और साइड-इफेक्ट-मुक्त विकल्प बन चुका है। प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक पायनियर द्वारा प्रकाशित हालिया रिपोर्ट “Yoga Leading the Way in Preventive Healthcare” ने स्पष्ट कर दिया है कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय रोगों को जड़ से रोकने वाली एक समग्र जीवनशैली है।

📊 दैनिक पायनियर रिपोर्ट: योग के चमत्कारिक आँकड़े

आयुष मंत्रालय, AIIMS और ICMR के डेटा पर आधारित इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 30 करोड़ से अधिक लोग नियमित योग कर रहे हैं। इसके क्लिनिकल परिणाम चौंकाने वाले हैं:

  • डायबिटीज: नियमित योग से इंसुलिन संवेदनशीलता में 20-30% तक की वृद्धि होती है। योग और दवाओं का संयोजन अकेले दवाओं से 30% बेहतर परिणाम देता है।
  • हृदय और रक्तचाप: रक्तचाप औसतन 10-15 mmHg कम होता है और कार्डियक रिहैबिलिटेशन 40% तेज हो जाता है।
  • मानसिक स्वास्थ्य: तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) में 25-40% की कमी आती है, जो एंग्जायटी और डिप्रेशन को बिना दवा के नियंत्रित करता है।
  • महिला स्वास्थ्य: महिलाओं में PCOS और थायरॉइड के लिए योग सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपाय साबित हुआ है।

आयुष्य मन्दिरम्, रेवाड़ी: स्वास्थ्य क्रांति का स्थानीय केंद्र

दैनिक पायनियर की इस रिपोर्ट को जमीनी स्तर पर सच कर रहा है रेवाड़ी स्थित आयुष्य मन्दिरम् योग एवं नेचुरोपैथी सेंटर। यह केंद्र पिछले कई वर्षों से निवारक स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहाँ आयोजित होने वाले विशेष ‘थेरेप्यूटिक योग’ (Therapeutic Yoga) सत्रों में डायबिटीज, थायरॉइड, जोड़ों के दर्द और महिलाओं के हार्मोनल असंतुलन (PCOS/Menopause) पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

▶️ आयुष्य मन्दिरम् में सूर्य नमस्कार का अभ्यास:

“दैनिक पायनियर की रिपोर्ट हमारी मान्यताओं की पुष्टि करती है। योग केवल इलाज नहीं, बल्कि बीमारी को शरीर में प्रवेश करने से रोकने का सबसे सशक्त ढाल है। हमारा उद्देश्य हर उम्र के व्यक्ति को योग से जोड़कर दवाओं पर उनकी निर्भरता को खत्म करना है।”
– आचार्य डॉ. जयप्रकाशानंद (संस्थापक, आयुष्य मन्दिरम्)

⚠️ सरकारी योग शिक्षक बनना है? तो जानें यह कड़वा सच!

आयुष्य पथ और आयुष्य मन्दिरम् लगातार युवाओं को जागरूक कर रहे हैं कि सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों (KVS) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स (HWC) में नौकरी के लिए निजी प्रमाणपत्र (जैसे योग एलायंस) पूरी तरह अमान्य हैं। भारत सरकार द्वारा केवल योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB), आयुष मंत्रालय के प्रमाणपत्र ही वैध माने जाते हैं।

आयुष्य मन्दिरम् में उपलब्ध YCB प्रमाणित कोर्सेज:

  • Level 1: Yoga Protocol Instructor
  • Level 2: Yoga Wellness Instructor
  • Level 3: Yoga Teacher & Evaluator
  • Level 4: Yoga Master

▶️ सुनें YCB वॉलंटियर्स का फीडबैक और अनुभव:

📞 प्रवेश एवं मार्गदर्शन हेतु संपर्क करें: +91 98734 90919 | ✉️ ayushyamandiram@gmail.com

निष्कर्ष: स्वस्थ भारत की नींव

जब अस्पताल और दवाइयां आम आदमी की पहुँच से दूर होते जा रहे हैं, तब योग एक ऐसा संजीवनी बूटी है जो हर किसी के पास है। आयुष्य मंत्रालय के अनुसार 2026 में योग को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम का हिस्सा बनाने का लक्ष्य है। आज ही आयुष्य मन्दिरम् से जुड़ें और सप्ताह में कम से कम 150 मिनट योग करने का संकल्प लें।

आज से ही योग शुरू करें – स्वस्थ भारत की नींव आप ही रख सकते हैं! 🌿🧘‍♀️

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