रेवाड़ी: बड़ा तालाब की सफाई क्रांति में तहखाने से मिली धरोहर
रेवाड़ी के ‘बड़ा तालाब’ में 70वीं सफाई क्रांति: हनुमान मंदिर के तहखाने से प्रकट हुई चमत्कारी धरोहर
रेवाड़ी शहर की ऐतिहासिक धरोहर ‘बड़ा तालाब’ को बचाने और संवारने के लिए चल रही ‘सफाई क्रांति’ ने अब एक नया और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। 22 फरवरी (रविवार) को आयोजित 70वीं सफाई क्रांति के दौरान जब सफाई वीरों की टीम ने तालाब पर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के नीचे बने तहखाने (Basement) की सफाई की, तो वहां सदियों पुरानी और चमत्कारी धरोहर प्रकट हो गई, जिसने सभी को अचंभित कर दिया।
तहखाने का रहस्य और प्राचीन शिल्पकला के दर्शन
जिस तहखाने में 10 दिन पहले तक घुप अंधेरा था, जहां जीव-जंतुओं का डेरा और गंदगी की मोटी परत जमा थी, वहां अंदर जाने की भी हिम्मत नहीं होती थी। लेकिन सफाई वीरों ने अपनी परवाह किए बिना मोबाइल की रोशनी में 2 घंटे से अधिक समय तक लगातार पसीना बहाया।
- प्राचीन मूर्तियां और कलाकृतियां: गंदगी और मिट्टी की परतें हटने के बाद तहखाने की दीवारों और फर्श पर अलग-अलग शिल्पों में उकेरी गई देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां और कलाकृतियां स्पष्ट रूप से नजर आने लगीं। यह नजारा ऐसा था मानो एक लंबे अंतराल के बाद इतिहास फिर से जीवंत हो उठा हो।
- मूल स्वरूप से छेड़छाड़ का खुलासा: सफाई के दौरान पाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने ईंटों की अवैध दीवारें खड़ी करके तालाब के एक घाट से दूसरे घाट तक जाने का रास्ता बंद कर दिया था। अब जिला प्रशासन के सहयोग से इन दीवारों को हटाकर तालाब के मूल स्वरूप को बहाल किया जाएगा।
क्रांति की परंपरा के अनुसार, भगीरथ सफाई अभियान शुरू होने से पूर्व आयुष्य मन्दिरम (Ayushya Mandiram), मॉडल टाउन, रेवाड़ी की ओर से प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित योगाचार्य सुषमा जी ने सभी सफाई वीरों को योगाभ्यास कराया। उन्होंने उपस्थित जनों को अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के विषय में विस्तार से बताया, जिससे टीम में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।
विधायक का सन्देश और उत्कृष्ट प्रबंधन
इस महा-क्रांति के सूत्रधार और रेवाड़ी विधायक श्री लक्ष्मण सिंह यादव हरियाणा विधानसभा सत्र के कारण भले ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर सभी सफाई वीरों का उत्साहवर्धन किया।
इस बार व्यवस्था का विशेष प्रबंधन ललिता मेमोरियल अस्पताल के संचालक डॉ. सीमा मित्तल और डॉ. घनश्याम मित्तल द्वारा किया गया था। तेज सरोवर स्थित शिवालय के प्रांगण में मंदिर संचालक कुलदीप गुर्जर के सहयोग से सभी ने खीर का प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर कर्मठ योद्धा त्रिवेंद्र गुप्ता और अन्य सदस्यों ने डॉ. मित्तल दंपति को स्वामी प्रेमानंद महाराज जी की प्रतिमा और पटका पहनाकर सम्मानित किया।
पर्यटन स्थल बनने की ओर अग्रसर
50 फीट की गहराई में उतरकर अपनी ‘रेवाड़ी मां’ के आंचल से गंदगी का दाग मिटाने वाले इन शूरवीरों का जज्बा काबिले-तारीफ है। लगातार चल रही इस सफाई क्रांति की बदौलत अब बड़ा तालाब अपनी खोई हुई पहचान वापस पा रहा है। वह दिन दूर नहीं जब जिला प्रशासन के सहयोग से इसे पूरी तरह से एक भव्य पर्यटन स्थल (Tourist Spot) में बदल दिया जाएगा।

