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रेवाड़ी में 63वीं सफाई क्रांति: कड़ाके की ठंड में विधायक और अफसरों ने साफ किए नाले, घंटेश्वर मंदिर तक चला महाअभियान

रेवाड़ी में 63वीं सफाई क्रांति: कड़ाके की ठंड में विधायक और अफसरों ने साफ किए नाले, घंटेश्वर मंदिर तक चला महाअभियान | Ayushya Path

रेवाड़ी में 63वीं सफाई क्रांति: कड़ाके की ठंड में विधायक और अफसरों ने साफ किए नाले, घंटेश्वर मंदिर तक चला महाअभियान

वर्ष 2026 की शुरुआत रेवाड़ी ने एक ऐतिहासिक संकल्प के साथ की है। 4 जनवरी 2026 की कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच, शहर के महाराजा अग्रसेन चौक से लेकर ऐतिहासिक घंटेश्वर मंदिर (मोती चौक) तक 63वीं ‘सफाई क्रांति’ (Safai Kranti) का आगाज हुआ।

इस अभियान का नेतृत्व स्वयं रेवाड़ी विधायक श्री लक्ष्मण सिंह यादव ने किया। खास बात यह रही कि आलीशान दफ्तरों में बैठने वाले अधिकारियों, वकीलों और व्यापारियों ने हाथों में तसला-फावड़ा थामकर शहर के जाम पड़े नालों को साफ किया।

शूरवीरों का जज्बा: ठंड भी नहीं रोक पाई कदम

अभियान में शामिल ‘सफाई योद्धाओं’ का समर्पण देखने लायक था। जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र सिंह यादव चेहरे पर मास्क लगाकर चुपचाप गंदगी उठाते नजर आए, तो वहीं रोडवेज से रिटायर अधिकारी कैलाश बाऊजी और नगर परिषद के पूर्व ईओ मनोज यादव ने उन जगहों की सफाई की जहां आम नजर भी नहीं जाती।

शर्मनाक तस्वीर:
भाड़ावास गेट और नगर परिषद मुख्यालय के पास गंदगी के ढेर और अटे पड़े नालों ने सिस्टम की पोल खोल दी। लेकिन सफाई वीरों ने बिना किसी शिकायत के पत्थरों को हटाकर नालों की सफाई की, जिसने वहां मौजूद हर नागरिक को प्रेरित किया।

योग और सेवा का संगम

अभियान का समापन मोती चौक पर 75 वर्षीय पुरुषोत्तम दास (प्रधान, मोती चौक व्यापार संगठन) के प्रतिष्ठान के पास हुआ। यहाँ स्वास्थ्य और स्वच्छता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

विशेष आकर्षण:
‘आयुष्य मन्दिरम्’ (Ayushya Mandiram), मॉडल टाउन की योगाचार्य सुषमा जी (जिन्हें प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है) ने सभी सफाई वीरों और नागरिकों को स्वस्थ रहने के लिए योगाभ्यास कराया। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने अपने चुटीले अंदाज और गीतों से माहौल को खुशनुमा बना दिया।

2026 का संकल्प: स्वच्छ रेवाड़ी

इस क्रांति ने शहर के दुकानदारों को भी कड़ा संदेश दिया है कि रात को दुकान बंद करते समय कचरा सड़क पर न फेंकें। यह अभियान केवल सड़कों की सफाई नहीं, बल्कि मानसिक गंदगी को दूर करने का भी प्रयास है। रेवाड़ी वासियों ने ठान लिया है कि इस वर्ष शहर के माथे से गंदगी का कलंक मिटाकर ही दम लेंगे।

(स्रोत: रंगघोष न्यूज़ – वीडियो रिपोर्ट)

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