पीएम मोदी ने WHO समिट में दिए ‘प्रधानमंत्री योग अवार्ड’, आयुष की 11 साल की यात्रा पर पुस्तक विमोचन
पीएम मोदी ने WHO समिट में प्रदान किए ‘प्रधानमंत्री योग अवार्ड’, योग प्रशिक्षण पर WHO रिपोर्ट और आयुष पुस्तक का विमोचन
पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के क्रम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित दूसरे WHO ग्लोबल समिट ऑन ट्रेडिशनल मेडिसिन के समापन समारोह में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। प्रधानमंत्री ने योग के प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों को ‘प्रधानमंत्री योग पुरस्कार’ (Prime Minister’s Awards for Yoga) से सम्मानित किया।
5 वर्षों के विजेताओं को एक साथ सम्मान
कोविड महामारी और अन्य कारणों से पिछले कुछ वर्षों के पुरस्कार लंबित थे। इस समारोह में वर्ष 2021 से 2025 तक के विजेताओं को एक साथ सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पुरस्कार विजेता केवल व्यक्ति या संस्था नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और योग के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं। इसमें ‘द डिवाइन लाइफ सोसाइटी’ जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं और 7 अलग-अलग देशों के योग साधकों को सम्मानित किया गया।
महत्वपूर्ण विमोचन (Key Launches)
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दो बेहद अहम दस्तावेजों का विमोचन किया:
- WHO तकनीकी रिपोर्ट: ‘योग प्रशिक्षण’ (Yoga Training) पर WHO की विशेष रिपोर्ट, जो वैश्विक मानकों को तय करेगी।
- पुस्तक: “From Roots to Global Reach: 11 Years of Transformation in Ayush” – यह पुस्तक आयुष क्षेत्र की प्रगति का दस्तावेज़ है।
समिट का थीम: ‘Restoring Balance’
समिट का मुख्य विषय “Restoring Balance: The Science and Practice of Health and Well-Being” था। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा:
“योग पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है। इसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, संतुलन और सामंजस्य का मार्ग दिखाया है। हमें पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को साथ लेकर चलना होगा।”
समिट के अंत में ‘दिल्ली डिक्लेरेशन’ को अपनाया गया, जो वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे में पारंपरिक चिकित्सा को मजबूत करने की वकालत करता है।

