राष्ट्रीय किसान दिवस 2025: “किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, आत्मनिर्भर भारत की नींव है” – कृषि मंत्रालय
राष्ट्रीय किसान दिवस: ‘अन्नदाता’ की मेहनत से ही देश समृद्ध, कृषि मंत्रालय ने किया नमन
नई दिल्ली | आयुष्य पथ समाचार
आज 23 दिसंबर को पूरा देश ‘राष्ट्रीय किसान दिवस’ (National Farmers Day) मना रहा है। यह दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में यह दिन न केवल एक उत्सव है, बल्कि उन करोड़ों हाथों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है जो हमें भोजन प्रदान करते हैं।
कृषि मंत्रालय का संदेश: आत्मनिर्भरता की नींव हैं किसान
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture) ने एक विशेष संदेश जारी करते हुए किसानों को ‘विकसित भारत’ का स्तंभ बताया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“देश के हर घर तक अन्न पहुँचाने वाला किसान भारत की खाद्य सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता की असली नींव है। किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की ताकत भी है।”
सरकार ने #FarmersOfIndia और #FoodSecurity जैसे हैशटैग्स के माध्यम से यह संदेश दिया कि हर घर की थाली अगर सुरक्षित है, तो उसका श्रेय हमारे किसान भाइयों और बहनों को जाता है।
आयुष्य पथ का दृष्टिकोण: ‘जैसा अन्न, वैसा मन’
आयुष्य मन्दिरम् और आयुष्य पथ का मानना है कि किसान केवल पेट भरने वाला अनाज नहीं उगाता, बल्कि वह हमें ‘आरोग्य’ प्रदान करता है। प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांत के अनुसार, मिट्टी से जुड़ा शुद्ध और सात्विक आहार ही सभी रोगों से बचाव का सबसे बड़ा साधन है।
आज के दिन हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने किसानों का सम्मान करें और यथासंभव प्राकृतिक (Organic) और विष-मुक्त खेती को प्रोत्साहन दें।

