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‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ की पहली वर्षगांठ: पुडुचेरी में जुटीं हस्तियां, 21 लाख लोग जुड़े

‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ की पहली वर्षगांठ: पुडुचेरी में उमड़ा जनसैलाब, 21 लाख लोगों का बना आंदोलन

“साइकिलिंग अब केवल सवारी नहीं, बल्कि फैशन, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन गई है। एक साल में 10,000 स्थानों तक पहुँचा यह आंदोलन।”

पुडुचेरी | 21 दिसंबर 2025

फिटनेस के प्रति देश को जागरूक करने वाली मुहिम ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ (Fit India Sunday on Cycle) ने आज एक ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया है। पुडुचेरी के सुरम्य तटों पर आज इस अभियान की पहली वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। हजारों नागरिकों, युवाओं और मशहूर हस्तियों ने साइकिल चलाकर संदेश दिया कि स्वस्थ भारत ही समर्थ भारत का निर्माण कर सकता है।

इस पहल की शुरुआत ठीक एक साल पहले 17 दिसंबर 2024 को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में हुई थी। आज यह एक सरकारी योजना से बढ़कर एक ‘जन आंदोलन’ का रूप ले चुका है।


सितारों का मेला: पी.आर. श्रीजेश और ऐश्वर्या राजेश रहे मौजूद

आज के भव्य समारोह में खेल और सिनेमा जगत की दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं, जिन्होंने युवाओं का उत्साह बढ़ाया:

  • मुख्य आकर्षण: भारतीय हॉकी के दीवार कहे जाने वाले और खेल रत्न पुरस्कार विजेता पी.आर. श्रीजेश (PR Sreejesh) ने विशेष रूप से शिरकत की।
  • विशिष्ट अतिथि: पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन और लोकप्रिय अभिनेत्री ऐश्वर्या राजेश
  • युवा शक्ति: भारतीय जूनियर हॉकी पुरुष टीम के खिलाड़ियों ने भी साइकिल रैली में भाग लिया।

21 लाख प्रतिभागियों का सफर: एक नज़र आंकड़ों पर

डॉ. मनसुख मांडविया की दूरदर्शी सोच ने इस अभियान को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया है। आंकड़े इसकी सफलता की गवाही देते हैं:

  • कुल सहभागी: पिछले एक साल में 21 लाख से अधिक लोगों ने इसमें हिस्सा लिया है।
  • विस्तार: यह कार्यक्रम अब देश भर में 10,000 से अधिक स्थानों पर हर रविवार आयोजित किया जाता है।
  • उद्देश्य: मोटापा मुक्त भारत (Obesity-free India) बनाना और साइकिलिंग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना।

फिटनेस, फैशन और पर्यावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे फिटनेस जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। ‘संडे ऑन साइकिल’ का मूल मंत्र है कि साइकिलिंग को केवल व्यायाम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे ‘फैशन और पर्यावरण संरक्षण’ (Eco-friendly Lifestyle) के माध्यम के रूप में अपनाया जाए।

आयोजन का संदेश स्पष्ट है—रोजाना कम से कम आधा घंटा अपनी फिटनेस को दें। चाहे बच्चे हों या बुजुर्ग, साइकिलिंग सभी के लिए स्वास्थ्य का सबसे सस्ता और प्रभावी साधन है।

आयुष्य पथ का संदेश

पुडुचेरी से उठी यह लहर पूरे देश को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। ‘आयुष्य पथ’ आपसे अपील करता है कि आप भी अपने शहर में इस मुहिम का हिस्सा बनें। याद रखें, एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मन का वास होता है।

साइकिल उठाएं, पैडल मारें और स्वास्थ्य की ओर बढ़ें!

संदर्भ (Sources):

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