स्कूलों में योग अनिवार्य, आयुष मंत्रालय की नई गाइडलाइंस 2026| Ayushya Path
आयुष्य पथ – शिक्षा एवं स्वास्थ्य बुलेटिन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और आयुष मंत्रालय का ऐतिहासिक फैसला
आयुष मंत्रालय का बड़ा ऐलान: देशभर के स्कूलों में ‘योग’ हुआ अनिवार्य, पढ़ाने के लिए सिर्फ YCB सर्टिफिकेट ही होगा मान्य
नई दिल्ली | 14 मार्च, 2026 | रिपोर्ट: आयुष्य पथ डेस्क
नई दिल्ली: बच्चों में तेजी से बढ़ते मोटापे, स्क्रीन एडिक्शन, एकाग्रता की कमी और मानसिक तनाव को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 2026-27 के आगामी शैक्षणिक सत्र से देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों (कक्षा 1 से 12 तक) में योग की कक्षाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत ‘योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने’ के विजन का अहम हिस्सा है।
🏫 नई गाइडलाइंस: कक्षाओं का समय और नियम
- कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक): प्रतिदिन 30-40 मिनट योग अनिवार्य (साधारण आसन, प्राणायाम और ध्यान)।
- कक्षा 6 से 12 (माध्यमिक/उच्च): प्रतिदिन 45-60 मिनट योग अनिवार्य (सूर्य नमस्कार, उन्नत आसन और योग निद्रा)।
- सप्ताहिक लक्ष्य: हर स्कूल में प्रति सप्ताह कम से कम 3 घंटे का योग सत्र और एक विशेष ‘योग दिवस’ (जैसे बुधवार/शनिवार) मनाना अनिवार्य होगा।
योग से बच्चों में क्या-क्या सुधार होंगे?
NCERT और आयुष मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम का मुख्य लक्ष्य बच्चों के शैक्षणिक और शारीरिक प्रदर्शन को सुधारना है। मंत्रालय का दावा है कि नियमित योग से बच्चों में मोटापा 25-30% तक कम होगा, इम्यूनिटी बढ़ेगी और एकाग्रता बढ़ने से शैक्षणिक प्रदर्शन 15-20% तक बेहतर हो सकता है।
▶️ देखें: बच्चों के लिए योग का महत्व और अभ्यास
⚠️ शिक्षक ध्यान दें: केवल YCB प्रमाणपत्र ही होगा मान्य!
मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में योग पढ़ाने के लिए शिक्षकों के पास योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) का प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। गैर-YCB या निजी प्रमाणपत्र (जैसे योग एलायंस) सरकारी स्कूलों में पूर्णतः अमान्य होंगे।
स्कूलों के लिए आवश्यक YCB लेवल:
- प्राथमिक कक्षाओं के लिए: YCB Level-1 (Yoga Protocol Instructor)
- माध्यमिक कक्षाओं के लिए: YCB Level-2 (Yoga Wellness Instructor)
- उच्च कक्षाओं के लिए: YCB Level-3 (Yoga Teacher & Evaluator)
आयुष्य मन्दिरम् (रेवाड़ी) की विशेष पहल और कोर्सेज
नई गाइडलाइंस को धरातल पर उतारने के लिए रेवाड़ी (हरियाणा) स्थित आयुष्य मन्दिरम् योग एवं नेचुरोपैथी सेंटर ने कमर कस ली है। योगाचार्या सुषमा कुमारी ने कहा, “यह गाइडलाइंस बच्चों के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी सौगात है। हम स्कूलों के साथ मिलकर योग को बच्चों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
आयुष्य मन्दिरम् स्कूलों के लिए विशेष पैकेज प्रदान कर रहा है:
- स्कूलों के लिए साप्ताहिक/मासिक विशेष योग सत्र।
- स्कूल शिक्षकों के लिए YCB Level-1 और Level-2 का विशेष प्रशिक्षण।
- बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता के लिए विशेष ‘योग कैंप’।
▶️ आयुष्य मन्दिरम् की योग गतिविधियां व प्रशिक्षण की झलक:
निष्कर्ष: योग बने शिक्षा का आधार
जब दुनिया दवाओं और टेक्नोलॉजी पर अत्यधिक निर्भर हो रही है, तब भारत योग के माध्यम से अपने नौनिहालों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने की राह पर है। निजी स्कूलों के लिए भी इसका अनुपालन अनिवार्य किया गया है, अन्यथा मान्यता रद्द होने का प्रावधान है।
🏫 स्कूलों में YCB योग शिक्षक भर्ती एवं ट्रेनिंग हेतु संपर्क करें:
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