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3 नए AIIA: आयुष मंत्रालय जल्द मांगेगा राज्यों से प्रस्ताव | Budget 2026

Ayush Ministry Invites Proposals for 3 New AIIA Institutes: Budget 2026 Update

राज्यों के बीच शुरू होगी ‘आयुर्वेद’ की रेस: 3 नए ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (AIIA) के लिए प्रस्ताव मांगेगा मंत्रालय

नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 (आयुष्य पथ ब्यूरो): संघ बजट 2026-27 में आयुर्वेद के लिए किए गए ऐतिहासिक ऐलान के बाद अब जमीनी कार्रवाई शुरू हो गई है। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में तीन नए ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (AIIA) स्थापित करने के लिए सरकार “मिशन मोड” में काम करेगी।

सोमवार (3 फरवरी) को जारी एक विशेष अपडेट के अनुसार, आयुष मंत्रालय जल्द ही सभी राज्य सरकारों से इसके लिए प्रस्ताव (Proposals) आमंत्रित करेगा। इसका सीधा अर्थ है कि जिन राज्यों के पास जमीन और विजन होगा, उन्हें एम्स (AIIMS) की तर्ज पर ये प्रतिष्ठित आयुर्वेद संस्थान मिलेंगे।

मंत्री का बयान: “यह एक व्यापक अभ्यास होगा”

‘द हिंदू’ को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में मंत्री प्रतापराव जाधव ने इस योजना की रूपरेखा साझा की।

“हम जल्द ही राज्यों से प्रस्ताव मांगना शुरू करेंगे। यह एक बड़े पैमाने का अभ्यास (Massive Exercise) होगा, जिसमें सभी राज्यों को भागीदार बनने का मौका मिलेगा। जो राज्य सबसे बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और सहयोग का प्रस्ताव देंगे, वहां ये तीन नए संस्थान स्थापित किए जाएंगे।”
— प्रतापराव जाधव, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री

मंत्री ने बताया कि इन नए संस्थानों का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि “स्नातकोत्तर शिक्षा (PG Education), पीएचडी रिसर्च और टर्शियरी केयर” (गंभीर रोगों का उच्च स्तरीय इलाज) प्रदान करना होगा।

बजट में 10% की वृद्धि: खजाना खुला

इस साल का बजट आयुष क्षेत्र के लिए ‘संजीवनी’ बनकर आया है। आंकड़ों के मुताबिक, आयुष बजट में पिछले वर्ष (संशोधित अनुमान) की तुलना में लगभग 10% की वृद्धि की गई है।

  • फोकस एरिया: बढ़ा हुआ बजट मुख्य रूप से इन 3 नए संस्थानों के निर्माण, आयुष फार्मेसियों के आधुनिकीकरण और रिसर्च पर खर्च होगा।
  • उद्देश्य: ‘कुशल मानव संसाधन’ (Skilled Human Resource) तैयार करना, ताकि दुनिया भर में आयुर्वेद डॉक्टरों और थेरेपिस्ट्स की मांग पूरी की जा सके।

मौजूदा स्थिति और भविष्य की तस्वीर

वर्तमान में नई दिल्ली स्थित AIIA (अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान) ने जो मानक स्थापित किए हैं, उसे देखते हुए देश के अन्य हिस्सों में इसकी भारी मांग है। नई दिल्ली, गोवा, और अन्य प्रमुख केंद्रों (नागपुर, जोधपुर, भोपाल आदि में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान) की सफलता के बाद, ये 3 नए AIIA उस नेटवर्क को और मजबूत करेंगे।

इन नए संस्थानों से क्या बदलेगा?

क्षेत्रप्रभाव
शिक्षाआयुर्वेद में MD और PhD की सीटें बढ़ेंगी।
अनुसंधानसाक्ष्य-आधारित (Evidence-based) रिसर्च के लिए हाई-टेक लैब्स मिलेंगी।
इलाजकैंसर, किडनी और न्यूरोलॉजिकल विकारों के लिए सस्ता और आयुर्वेदिक इलाज मिलेगा।

बजट 2026 के अन्य ‘मास्टरस्ट्रोक’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में आयुष के लिए केवल नए संस्थान ही नहीं, बल्कि एक पूरा इकोसिस्टम तैयार करने की बात कही गई है:

  • लैब अपग्रेडेशन: आयुष दवाओं की क्वालिटी जांचने के लिए फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को वर्ल्ड-क्लास बनाया जाएगा।
  • WHO जामनगर सेंटर: गुजरात स्थित WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को और फंड दिया जाएगा ताकि वह दुनिया के लिए नीतियां बना सके।
  • मेडिकल हब: 5 नए ‘रीजनल मेडिकल हब’ बनेंगे, जहां आयुर्वेद और एलोपैथी साथ मिलकर मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।

विशेषज्ञों की राय: “विकसित भारत का रोडमैप”

CCRAS और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम बताया है। उनका मानना है कि जब राज्यों के बीच इन संस्थानों को पाने की होड़ मचेगी, तो स्वास्थ्य ढांचा अपने आप बेहतर होगा।


निष्कर्ष

गेंद अब राज्यों के पाले में है। देखना दिलचस्प होगा कि कौन से तीन राज्य इस अवसर को लपकते हैं और अपने नागरिकों को ‘उत्कृष्ट आयुर्वेद संस्थान’ का तोहफा देते हैं।

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रिपोर्ट: आयुष्य पथ पॉलिसी डेस्क | स्रोत: The Hindu Interview/Ministry Updates

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