IDY 2026: आयुष मंत्रालय का 100 दिवसीय योग काउंटडाउन शुरू
आयुष्य पथ – राष्ट्रीय आयुष अपडेट्स
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (IDY 2026) विशेष
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: 100 दिवसीय काउंटडाउन का ऐतिहासिक शंखनाद, मंत्री प्रतापराव ने योग को बताया ‘वैश्विक कल्याण का आधार’
नई दिल्ली | 18 मार्च, 2026 | रिपोर्ट: आयुष्य पथ राष्ट्रीय डेस्क
नई दिल्ली: आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) ने आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) के लिए बहुप्रतीक्षित 100 दिवसीय काउंटडाउन की औपचारिक शुरुआत कर दी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री प्रतापराव जाधव ने देश और दुनिया को संबोधित करते हुए योग को केवल एक शारीरिक अभ्यास न बताकर ‘मानवता को जोड़ने वाली एक शाश्वत जीवन पद्धति’ करार दिया है।
“योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाली एक शाश्वत जीवन पद्धति है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के 100 दिवसीय काउंटडाउन के शुभारंभ पर मैं योग को वैश्विक कल्याण का आधार बताना चाहता हूँ। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन को साकार करते हुए कहा जा सकता है कि आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे में योग अब ‘प्रिवेंटिव और होलिस्टिक हेल्थकेयर’ (निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवा) का एक अनिवार्य स्तंभ बन चुका है।”
मंत्री जी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि पिछले एक दशक में योग ने भौगोलिक सीमाओं को लांघकर एक ‘वैश्विक जन आंदोलन’ का रूप ले लिया है। आज की तनावपूर्ण दिनचर्या में यह मानसिक स्वास्थ्य और आंतरिक स्थिरता का सबसे सशक्त और प्रामाणिक माध्यम बन गया है। आयुष मंत्रालय की यह 100 दिवसीय पहल समाज के हर वर्ग को स्वास्थ्य और शांति के सूत्र में पिरोने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
अभियान के मुख्य बिंदु और राष्ट्रीय संदेश
- वैश्विक धरोहर: योग अब केवल एक भारतीय परंपरा नहीं रहा, बल्कि यह ‘वैश्विक कल्याण’ (Global Wellness) का सबसे मजबूत आधार बन चुका है।
- आधुनिक स्वास्थ्य का स्तंभ: आधुनिक मेडिकल ढांचे में योग अब ‘प्रिवेंटिव’ (बीमारी से बचाने वाला) और ‘होलिस्टिक’ (संपूर्ण) हेल्थकेयर का अभिन्न अंग है।
- जन आंदोलन: पिछले 10 वर्षों में योग ने एक जन आंदोलन का रूप लिया है, जो मानसिक शांति प्रदान करने में सबसे प्रभावी सिद्ध हो रहा है।
- राष्ट्रव्यापी आयोजन: इस 100 दिवसीय काउंटडाउन के दौरान पूरे देश में योग महोत्सव, कार्यशालाएँ, योग शिविर और वृहद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
📱 डिजिटल एकजुटता: मंत्रालयों और संस्थाओं का महासंगम
इस ऐतिहासिक शुरुआत के अवसर पर आयुष मंत्रालय ने X (पूर्व में ट्विटर) पर @PMOIndia, @narendramodi, @WHO, @mdniy, @ccrhindia, @CCRAS_MoAyush, @AIIA_NDelhi सहित देश के सभी प्रमुख आयुष अनुसंधान संस्थानों को टैग कर एक राष्ट्रव्यापी एकजुटता का संदेश दिया है।
‘आयुष्य मन्दिरम्’ और ‘आयुष्य पथ’ की सक्रिय भागीदारी
रेवाड़ी स्थित आयुष्य मन्दिरम् योग एवं नेचुरोपैथी सेंटर (संस्थापक: आचार्य डॉ. जयप्रकाशानंद) और स्वास्थ्य जागरूकता पोर्टल आयुष्य पथ इस 100 दिवसीय राष्ट्रीय काउंटडाउन में कंधे से कंधा मिलाकर सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। आयुष्य पथ पर पहले से ही चल रही ‘Ayushya Path Yoga 100 Countdown’ सीरीज़ मंत्रालय के इस विजन को धरातल पर उतार रही है।
सेंटर की योगाचार्या सुषमा कुमारी ने माननीय मंत्री जी के संदेश का स्वागत करते हुए कहा:
“माननीय मंत्री जी का संदेश बहुत सटीक है। योग अब सिर्फ आसन नहीं, बल्कि जीवन जीने की पूरी कला है। हम आयुष्य मन्दिरम् में बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योग सत्र चला रहे हैं ताकि हर वर्ग तक योग की पहुंच हो। साथ ही, आयुष्य पथ पोर्टल पर रोजाना योग के वैज्ञानिक लाभ, आयुष अपडेट्स और सरकारी अभियानों की जानकारी साझा की जा रही है।”
📅 आगामी कार्यक्रमों की एक झलक
- योग महोत्सव 2026: 21 जून से पहले देश के प्रमुख शहरों में वृहद आयोजन।
- योग 365: योग को एक दिन का उत्सव न रखकर, साल भर चलने वाला अभियान बनाना।
- शिक्षा और रोजगार: स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में योग को अनिवार्य बनाना तथा YCB प्रमाणित योग शिक्षकों की संख्या में वृद्धि करना।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के इस 100 दिवसीय काउंटडाउन का शुभारंभ योग को वैश्विक पटल पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह अभियान शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ विश्व को मानसिक शांति और आंतरिक स्थिरता प्रदान करेगा। आयुष्य मन्दिरम् और आयुष्य पथ इस जन आंदोलन का एक अभिन्न हिस्सा बनने के लिए पूर्णतः तैयार हैं।
आप भी योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएँ और #Yoga365 संकल्प में शामिल हों! 🌿🧘♀️🇮🇳
आयुष मंत्रालय: ayush.gov.in | आयुष्य पथ: ayushyapath.in
📞 +91 98734 90919

