बजट 2026: आयुष को ₹4408 करोड़, 3 नए आयुर्वेद संस्थान | News
बजट 2026-27: आयुष को मिली ‘संजीवनी’, बजट में 20% की भारी बढ़ोतरी और 3 नए ‘एम्स’ जैसे आयुर्वेद संस्थान
भारत की स्वास्थ्य क्रांति में पारंपरिक चिकित्सा अब ‘वैकल्पिक’ नहीं, बल्कि ‘मुख्यधारा’ बन चुकी है। केंद्रीय बजट 2026-27 ने इस बात पर मुहर लगा दी है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) के लिए खजाना खोल दिया गया है। इस वर्ष आयुष को ₹4,408.93 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान (₹3,671.82 करोड़) से लगभग 20% अधिक है।
‘कल्याण का नया युग’: मंत्री प्रतापराव जाधव
आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने इस बजट को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा:
“यह बजट भारत में ‘वेलनेस के नए युग’ (New Age of Wellness) का प्रतीक है। आयुष अब केवल एक पारंपरिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य ढांचे का रणनीतिक स्तंभ बन चुका है। सरकार का फोकस अब केवल बीमारी के इलाज पर नहीं, बल्कि रोकथाम (Prevention) और जीवनशैली प्रबंधन पर है।”
बजट की 4 बड़ी घोषणाएं (Key Highlights)
1. तीन नए ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (AIIA)
दिल्ली और गोवा की तर्ज पर देश में तीन और नए All India Institutes of Ayurveda (AIIA) खोले जाएंगे। ये संस्थान आयुर्वेद के क्षेत्र में वही भूमिका निभाएंगे जो एलोपैथी में AIIMS निभाता है। यहां उच्च शिक्षा, विश्वस्तरीय रिसर्च और सुपर-स्पेशलिटी उपचार उपलब्ध होगा।
2. राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) को 66% का बूस्ट
जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन का बजट ₹780.96 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,300 करोड़ कर दिया गया है। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा—नए आयुष डिस्पेंसरी खुलेंगे, पुराने अस्पतालों का आधुनिकीकरण होगा और दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।
3. पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब
भारत को ‘विश्व का हीलर’ बनाने के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर 5 क्षेत्रीय चिकित्सा पर्यटन हब (Regional Medical Hubs) स्थापित किए जाएंगे। इनमें डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट और पोस्ट-केयर रिहैबिलिटेशन की वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं होंगी, जो विदेशी मरीजों को आकर्षित करेंगी。
4. ग्लोबल लीडरशिप और रिसर्च
जामनगर स्थित WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही, आयुष ड्रग टेस्टिंग लैब्स और फार्मेसी को आधुनिक बनाने के लिए विशेष फंड दिया गया है ताकि भारतीय दवाओं की गुणवत्ता वैश्विक मानकों पर खरी उतरे।
विकसित भारत का आधार
शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार जारी है। वर्तमान में 932 अंडरग्रेजुएट और 254 पोस्टग्रेजुएट आयुष कॉलेज संचालित हैं, जिन्हें और सुदृढ़ किया जाएगा। यह बजट स्पष्ट संदेश देता है कि “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य में आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी की भूमिका केंद्रीय होगी। यह केवल वित्तीय आवंटन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति भारत की बदलती सोच का दस्तावेज है。
रिपोर्ट: आयुष्य पथ बिजनेस डेस्क | स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज 2026-27

