रेवाड़ी: 600 साल पुराने ‘बड़ा तालाब’ में सफाई क्रांति, योगाचार्य सुषमा ने कराया योग

इतिहास रचती रेवाड़ी: ‘सफाई क्रांति’ से 600 साल बाद फिर खिलखिला उठा ऐतिहासिक बड़ा तालाब, योग और स्वच्छता का अद्भुत संगम
रेवाड़ी के 600 साल पुराने ऐतिहासिक ‘बड़ा तालाब’ (Bada Talab) का भाग्य बदल रहा है। जो धरोहर कभी गंदगी के ढेर में दबी थी, आज वह ‘आई लव रेवाड़ी’ (I Love Rewari) परिवार और शहर के जागरूक नागरिकों की ‘सफाई क्रांति’ के कारण पुनर्जीवित हो रही है। रविवार, 8 फरवरी को लगातार तीसरे सप्ताह इस ऐतिहासिक स्थल पर स्वच्छता का महायज्ञ चला, जिसमें श्रमदान के साथ-साथ योग और स्वास्थ्य का भी अद्भुत संगम देखने को मिला।
गहराई में उतरकर साफ किया इतिहास
सफाई क्रांति के शूरवीरों ने रविवार को तालाब की तलहटी में उतरकर भारी-भरकम गंदगी को अपने हाथों से उठाया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भरकर कचरा बाहर निकाला गया। यह दृश्य देखकर ऐसा लग रहा था मानो रेवाड़ी वासी अपने पूर्वजों की धरोहर को वापस संवार रहे हों।
- 75 वर्षीय पुरुषोत्तम दास जी ने बताया, “एक समय था जब यह तालाब रेवाड़ी की लाइफलाइन था। यहां मीठा पानी निकलता था और बाढ़ के पानी से यह शहर को बचाता था। आज इसे साफ होते देख ऐसा लग रहा है कि हम गंदगी के नाम पर किए गए पापों को धो रहे हैं।”
- क्रांति के सूत्रधार: रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने इस अभियान का नेतृत्व किया और इसे परमात्मा का सबसे बड़ा आशीर्वाद बताया।

शिवालय में गूंजा ‘सोहम’ का मंत्र: सुषमा जी ने कराया अभ्यास
क्रांति के समापन पर तेज सरोवर स्थित शिवालय के प्रांगण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। इस सत्र का नेतृत्व वीमेन आयुष्य ऑर्गेनाइजेशन (WAO) की राष्ट्रीय संयोजिका एवं इंडियन योग एसोसिएशन (IYA), हरियाणा चैप्टर कमेटी की सदस्य योगाचार्य सुषमा जी ने किया।
प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित और आयुष्य मन्दिरम् (Ayushya Mandiram) की संचालिका योगाचार्य सुषमा जी ने सभी स्वयंसेवकों को ‘सोहम प्राणायाम’ (Soham Pranayama) और ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने संदेश दिया:
“स्वस्थ शरीर में ही परमात्मा निवास करते हैं। जैसे हम बाहर की सफाई कर रहे हैं, वैसे ही योग से भीतर की सफाई भी जरूरी है। एक सशक्त समाज के निर्माण के लिए महिलाओं और नागरिकों का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।”
चाय नहीं, ‘कश्मीरी काढ़ा’ और ‘स्प्राउट्स’ का लंगर
इस बार सफाई क्रांति में खान-पान भी पूरी तरह ‘सात्विक’ और स्वास्थ्यवर्धक रहा। बल्लूवाड़ा बाजार की टीम ने सभी का दिल जीत लिया:
- 20 जड़ी-बूटियों वाला कश्मीरी काढ़ा: चाय की जगह लोगों को विशेष हर्बल काढ़ा पिलाया गया।
- पौष्टिक स्प्राउट्स चाट: 15 प्रकार की हरी सब्जियों, फलों और ड्राई फ्रूट्स से तैयार स्प्राउट्स परोसे गए।
- सेवादार: कैलाश चंद गुप्ता, हरीश गुप्ता, अमित गुप्ता (CA), त्रिवेंद्र गुप्ता (लाला भाई पतंग), भुरू अग्रवाल, रिंकू जैन और दिलीप जैन ने यह सेवा दी。
भविष्य की योजना: 15 फरवरी से डोर-टू-डोर कलेक्शन
इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। 15 फरवरी 2026 से रेवाड़ी शहर में ‘डोर-टू-डोर कचरा उठाने’ का कार्य नए सिरे से और सख्ती के साथ शुरू होगा。
- हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग लिया जाएगा।
- इसकी निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है।
- पॉलिथीन मुक्त रेवाड़ी मिशन के तहत सभी को कपड़े के थैले भी वितरित किए गए।
सफाई क्रांति का अगला चरण 15 फरवरी को इसी स्थल पर होगा, जब तक कि तालाब की रग-रग से गंदगी साफ नहीं हो जाती。
रिपोर्ट: आयुष्य पथ सिटी डेस्क | स्रोत: दैनिक रणघोष/स्थानीय कवरेज

