सर्दियों में आंखों की जलन और थकान से हैं परेशान? आयुष मंत्रालय ने बताए 4 ‘रामबाण’ आयुर्वेदिक तरीके
सर्दियों में आंखों की जलन और थकान से हैं परेशान? आयुष मंत्रालय ने बताए 4 ‘रामबाण’ आयुर्वेदिक तरीके
नई दिल्ली | आयुष्य पथ डेस्कइन समस्याओं से निपटने के लिए आपको महंगी दवाओं की नहीं, बल्कि भारतीय पारंपरिक ज्ञान की जरूरत है। आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) ने आंखों की सेहत सुधारने और उन्हें रिलैक्स करने के लिए 4 बेहद सरल लेकिन प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय साझा किए हैं। ये तरीके न केवल थकान दूर करते हैं, बल्कि दृष्टि (Vision) को भी दीर्घकालिक लाभ पहुंचाते हैं।
1. आई पामिंग: हथेलियों का जादू (Eye Palming)
लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की नसों में तनाव आ जाता है। पामिंग इसे दूर करने का सबसे त्वरित उपाय है।
- कैसे करें: अपनी दोनों हथेलियों को आपस में तब तक रगड़ें जब तक वे गर्म न हो जाएं। इसके बाद अपनी आंखों को बंद करें और हथेलियों को कटोरीनुमा बनाकर आंखों पर रखें।
- लाभ: हथेलियों की प्राकृतिक गर्माहट आंखों के आसपास के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाती है और मांसपेशियों को तुरंत रिलैक्स करती है। यह ‘डिजिटल आई स्ट्रेन’ के लिए बेस्ट है।
2. त्राटक क्रिया: फोकस और सफाई (Tratak)
योग विज्ञान में ‘त्राटक’ को नेत्र शुद्धि का सबसे सशक्त माध्यम माना गया है। यह एकाग्रता बढ़ाने के साथ-साथ आंखों की रोशनी के लिए वरदान है।
- कैसे करें: एक अंधेरे कमरे में मोमबत्ती जलाएं। अपनी कमर सीधी रखें और मोमबत्ती की लौ को तब तक एकटक देखें जब तक कि आंखों से पानी न निकल आए।
- लाभ: यह प्रक्रिया आंखों की सफाई करती है और प्राकृतिक नमी (लुब्रिकेशन) को वापस लाती है। इससे आंखों की आंतरिक स्पष्टता बढ़ती है।
3. शीतलता चिकित्सा: खीरा और कॉटन पैड
आंखों की जलन और सूजन (Puffiness) को कम करने के लिए ‘शीतल उपचार’ बेहद कारगर है।
- कैसे करें: कॉटन पैड को शुद्ध गुलाब जल या ठंडे पानी में भिगोएं और बंद आंखों पर 10-15 मिनट के लिए रखें। आप खीरे के ठंडे टुकड़ों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- लाभ: यह आंखों की थकान को सोख लेता है, डार्क सर्कल्स को कम करता है और सिरदर्द में भी राहत प्रदान करता है।
4. भाप लेना: चिपचिपाहट से मुक्ति (Steaming)
सर्दियों में अक्सर सुबह उठने पर पलकों में चिपचिपाहट या भारीपन महसूस होता है। इसके लिए भाप लेना फायदेमंद है।
- कैसे करें: गर्म पानी के बर्तन से थोड़ी दूरी बनाकर आंखों के आसपास हल्की भाप लें। ध्यान रखें कि भाप बहुत तेज न हो, अन्यथा आंखों में रूखापन बढ़ सकता है।
- लाभ: यह रोमछिद्रों को खोलता है, जमा हुई गंदगी को साफ करता है और आंखों को ऊर्जावान बनाता है।
निष्कर्ष
आयुष मंत्रालय का सुझाव है कि इन उपायों को अपनी दिनचर्या (Daily Routine) का हिस्सा बनाएं। ये पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित हैं। हालांकि, यदि आंखों में लालिमा या दर्द बहुत अधिक है, तो घरेलू उपायों तक सीमित न रहें और नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
(आधार: आयुष मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य सिफारिशें)

