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रेवाड़ी में ‘सफाई क्रांति’: कड़ाके की ठंड में जब सुधरा ‘दुर्गा मंदिर’ और ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ सिस्टम, दो माताओं का मस्तक हुआ ऊंचा

रेवाड़ी में ‘सफाई क्रांति’: कड़ाके की ठंड में जब सुधरा ‘दुर्गा मंदिर’ और ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ सिस्टम, दो माताओं का मस्तक हुआ ऊंचा | Ayushya Path

रेवाड़ी में ‘सफाई क्रांति’: कड़ाके की ठंड में जब सुधरा ‘दुर्गा मंदिर’ और ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ सिस्टम, दो माताओं का मस्तक हुआ ऊंचा

11 जनवरी 2026, रविवार की सुबह जब पूरा शहर बर्फीली ठंड में लिपटा हुआ था और लोग रजाई से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, तब रेवाड़ी के 12 हजारी चौक पर एक अलग ही ऊर्जा देखने को मिली। इसे ‘सफाई क्रांति’ का नाम दिया गया, जिसने न केवल शहर की गंदगी को साफ किया, बल्कि सोई हुई नागरिक चेतना को भी जगाने का काम किया।

इस महाअभियान का उद्देश्य दो माताओं—‘रेवाड़ी मां’ (जन्मभूमि/कर्मभूमि) और ‘दुर्गा माता’ (आस्था का केंद्र)—के आंचल को स्वच्छ बनाना था।

प्रमुख उपलब्धियां: 5 फीट गहरे कीचड़ से मिली मुक्ति

इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि दुर्गा मंदिर परिसर में स्थित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (Rain Water Harvesting System) की सफाई रही।

  • लाखों रुपये की लागत से बना यह सिस्टम कूड़े के ढेर में बदल चुका था।
  • सफाई वीरों ने 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 5 फीट गहराई तक जमी भयानक गंदगी को निकालकर इसे पुनर्जीवित किया।
  • चौक के एक कोने को जो स्थानीय लोगों ने ‘कूड़ा घर’ बना रखा था, उसे पूरी तरह साफ कर दिया गया।

जन-भागीदारी और नेतृत्व

इस क्रांति की अगुवाई रेवाड़ी के अमन अग्नि परिवार (Aman Agni Society) के सफाई योद्धाओं ने की, जिनके प्रेरणास्त्रोत त्रिलोक शर्मा जी रहे। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव की अनुपस्थिति में उनके पुत्र एडवोकेट निशांत यादव ने कमान संभाली। हजारों किलोमीटर दूर होने के बावजूद, विधायक लक्ष्मण सिंह यादव वीडियो कॉल के माध्यम से गीतों द्वारा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते रहे।

शर्मनाक सच्चाई: स्थानीय उदासीनता
रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाँ एक ओर सफाई वीर ठंड में पसीना बहा रहे थे, वहीं स्थानीय निवासी और व्यापारी तमाशबीन बने रहे। गुड़ बाजार और ऐतिहासिक घंटेश्वर मंदिर के पिछले हिस्से को वहां के संपन्न व्यापारियों ने कचरा घर बना दिया था, जिसे सफाई वीरों ने आधे घंटे के परिश्रम से साफ किया। यह घटना समाज की दूषित मानसिकता और आस्था के नाम पर किए जा रहे दिखावे पर कड़ा प्रहार करती है।

योग और सम्मान के साथ समापन

करीब 3 घंटे चले इस श्रमदान का समापन गोकुल गेट पर हुआ। यहां विपिन अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर सफाई वीरों का फूलों की बारिश से स्वागत किया गया।

अंत में, आयुष मंदिरम (मॉडल टाउन) की योगाचार्य सुषमा जी (जिन्हें प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है) ने सभी को स्वस्थ रहने के लिए योगाभ्यास कराया। राष्ट्रगान के साथ इस ऐतिहासिक सुबह का समापन हुआ।

“यह केवल सड़कों की सफाई नहीं थी, बल्कि यह उस मानसिकता की सफाई थी जो अपने ही धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों को गंदा करती है। रेवाड़ी के इन योद्धाओं ने साबित कर दिया कि परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है।”

(स्रोत: रनघोष न्यूज़ (Ranghosh News) वीडियो रिपोर्ट, 11 जनवरी 2026 – वीडियो देखें)

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