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कपोल शक्ति विकासक: ग्लोइंग स्किन और झुर्रियों के लिए योग | Health

Kapol Shakti Vikasaka Yoga – Health News
Health & Wellness February 12, 2026 | New Delhi

ग्लोइंग स्किन और झुर्रियों से मुक्ति का ‘योगिक सीक्रेट’: कपोल शक्ति विकासक क्रिया

(मुखमंडल की आभा, प्राणशक्ति और दीर्घायु के लिए अचूक उपाय)

चेहरा मानव शरीर का ‘प्रकाश-पुंज’ है—यहीं से प्रसन्नता, तेज और स्वास्थ्य का पहला संकेत झलकता है। योग दर्शन के अनुसार, हमारे मुख क्षेत्र में अनेक ‘सूक्ष्म नाड़ियाँ’ और ‘प्राण केंद्र’ विद्यमान हैं, जो शरीर के पाँच प्राणों से प्रत्यक्ष संबंध रखते हैं। आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में जब चेहरे की चमक फीकी पड़ रही हो, तब योग विज्ञान का ‘कपोल शक्ति विकासक सूक्ष्म योग’ (Kapol Shakti Vikasaka) एक वरदान साबित हो सकता है।

यह व्यायाम एक प्रकार का ऊर्जावान प्राण नियंत्रण (काकमुद्रा-आधारित कुम्भक) है, जो शरीर, मन और रूप—तीनों को संतुलित करता है।

अभ्यास की विधि (Step-by-Step Guide)

  1. प्रारंभिक स्थिति: सम अवस्था में सीधे खड़े हों। शरीर स्थिर और सहज रखें।
  2. हाथों की स्थिति: दोनों हाथों की उंगलियों के पोरों को आपस में मिलाएं और अंगूठों को स्वतंत्र रखें।
  3. मुद्रा: अपने दोनों अंगूठों से नासिका छिद्रों को बंद करें।
  4. श्वास भरना: होंठों को सिकोड़कर ‘काकचोंच’ (कौवे की चोंच/सीटी बजाने जैसी मुद्रा) बनाएं और मुंह से धीरे-धीरे गहरा श्वास (मन में 8 तक गिनते हुए) अंदर खींचें।
  5. गाल फुलाना: श्वास भरने के बाद मुंह बंद करें और गालों को गुब्बारे की तरह पूरा फुला लें।
  6. जालंधर बंध: अपनी थोड़ी (Chin) को कंठकूप (गले के गड्ढे) से लगाएं। आंखें बंद रखें।
  7. कुम्भक (सांस रोकना): अपनी क्षमता अनुसार या मन में 32 तक गिनते हुए श्वास को अंदर ही रोकें।
  8. रेचक (सांस छोड़ना): जब सांस रोकना संभव न हो, तो पहले गर्दन सीधी करें, नाक से अंगूठे हटाएं और धीरे-धीरे नाक के जरिए श्वास बाहर छोड़ दें।

(नोट: इस प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं।)

चमत्कारी लाभ (Benefits)

1. सौंदर्य और कांति (Beauty & Glow)

  • एंटी-एजिंग: गालों की मांसपेशियों में खिंचाव आने से झुर्रियां (Wrinkles) और त्वचा का ढीलापन दूर होता है।
  • प्राकृतिक चमक: रक्त परिसंचरण बढ़ने से त्वचा में गुलाबी निखार (Ojas) आता है।
  • बालों की सेहत: तनाव घटने और रक्त प्रवाह सुधरने से बालों का झड़ना और सफेद होना कम होता है।

2. स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits)

  • मुख रोग नाशक: दांतों की कमजोरी, मसूड़ों की सूजन और मुंह की दुर्गंध को दूर करता है।
  • हार्मोनल संतुलन: यह क्रिया थायरॉइड, पैराथायरॉइड और पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) को सशक्त करती है।
  • सिरदर्द व नेत्र ज्योति: श्वास के दबाव से सिर और नेत्र क्षेत्र में प्राण वायु का प्रवाह संतुलित होता है।
⚠️ विशेष निर्देश (सावधानियां):
  • यह क्रिया खाली पेट या भोजन के 3 घंटे बाद करें।
  • उच्च रक्तचाप (High BP), हृदय रोग या माइग्रेन वाले साधक इसे प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें।
  • श्वास को जोर से न भरें और न ही क्षमता से अधिक रोकें।
  • चक्कर या असहजता महसूस होने पर अभ्यास तुरंत रोक दें।
Yogacharya Sushma Profile

योगाचार्य सुषमा

(वरिष्ठ योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ)

योग प्रभारी: आयुष्य मन्दिरम्

सदस्य: हरियाणा चैप्टर कमेटी, इंडियन योग एसोसिएशन (IYA)

योग एंबेसडर: इंटरनेशनल नेचुरोपैथी एंड योग ऑर्गेनाइजेशन (IYO)

योग्यता & अनुभव: एम.ए. (योग), डी.एन.वाय.एस., पी.जी. डिप्लोमा, 1500 घंटे टी.टी.सी.। योग और प्राकृतिक चिकित्सा में 14 वर्षों का गहन अनुभव।

सम्मान: 15 अगस्त 2025 को आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सम्मानित。

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