Top NewsFit IndiaFSSAIWomen Ayushya Organisation (WAO)Women's Health

FSSAI: मोटापा एक क्रॉनिक बीमारी है, अपनाएं C-A-L-M अप्रोच

आयुष्य पथ – स्वास्थ्य एवं पोषण बुलेटिन

#EatRightIndia | #StopObesity | #SwasthBharat

FSSAI का बड़ा बयान: मोटापा केवल सौंदर्य का मुद्दा नहीं, एक क्रॉनिक बीमारी है – स्वस्थ भारत के लिए अपनाएं ‘C-A-L-M’ अप्रोच 🌿⚖️🍎

नई दिल्ली | 16 मार्च, 2026 | रिपोर्ट: आयुष्य पथ डेस्क

नई दिल्ली: खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मोटापे (Obesity) को लेकर समाज में फैली एक बहुत बड़ी गलतफहमी को दूर करने का ऐतिहासिक आह्वान किया है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि मोटापा केवल “वजन बढ़ने” या “सौंदर्य” (Cosmetic) से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर और क्रॉनिक (पुरानी) स्वास्थ्य समस्या है। इस बढ़ती महामारी की रोकथाम और प्रबंधन के लिए, FSSAI ने ‘C-A-L-M’ अप्रोच अपनाने पर ज़ोर दिया है।

⚠️ मोटापा क्यों है एक क्रॉनिक बीमारी?

FSSAI के अनुसार, मोटापा एक जटिल स्वास्थ्य चुनौती है, जो शरीर को भीतर से खोखला कर कई जानलेवा बीमारियों का मुख्य कारण बनती है:

  • मेटाबॉलिक सिंड्रोम: टाइप-2 डायबिटीज और उच्च रक्तचाप (Hypertension)।
  • हृदय रोग: हार्ट अटैक और कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन।
  • महिलाओं में स्वास्थ्य समस्याएँ: PCOS और थायरॉइड।
  • अन्य गंभीर रोग: ऑस्टियोआर्थराइटिस, कुछ प्रकार के कैंसर, और अवसाद (Depression)।

NFHS-5 के आंकड़े: भारत में 25% से अधिक वयस्क और 15-20% बच्चे अधिक वजन की श्रेणी में हैं। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स का बढ़ता सेवन इसे और गंभीर बना रहा है।

मोटापे से लड़ने का सरल और प्रभावी तरीका: C-A-L-M अप्रोच

FSSAI ने मोटापे के प्रबंधन के लिए एक व्यावहारिक, चार-चरणीय अप्रोच सुझाई है:

🟢 C – Consistent Choices
(निरंतर सही विकल्प)

रोज़ाना छोटे-छोटे लेकिन लगातार फैसले लें। समय पर खाना, पर्याप्त पानी पीना, स्क्रीन टाइम कम करना और रोज़ाना 30-45 मिनट शारीरिक गतिविधि करें।

🟠 A – Awareness & Action
(जागरूकता और कार्रवाई)

अपने खान-पान, नींद और तनाव के पैटर्न को समझें। रोज़ाना एक डायरी में नोट करें कि क्या खाया और कितना चले। फिर उनमें सुधार करें।

🔵 L – Lifestyle Modifications
(जीवनशैली में बदलाव)

  • नींद: रात 8 बजे तक डिनर, 7-9 घंटे नींद।
  • आहार: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स कम करें, होल फूड्स खाएं।
  • व्यायाम: योग, वॉकिंग या साइकिलिंग रोज़ाना करें।

🟣 M – Mindful Management
(सचेत प्रबंधन)

खाना धीरे-धीरे चबाकर खाएँ, भावनात्मक खाने (stress eating) से बचें, भूख और तृप्ति के संकेतों पर ध्यान दें। स्वस्थ आदतें बनाए रखें।

“मोटापा एक जटिल स्वास्थ्य चुनौती है जिसके लिए समग्र और सक्रिय प्रबंधन रणनीति की आवश्यकता है। C-A-L-M अप्रोच अपनाकर आप #SwasthBharat में योगदान दे सकते हैं।”
– FSSAI (आधिकारिक पोस्ट)

विशेषज्ञों की राय

  • डॉ. वी. मोहन (MDRF): “मोटापा रोकथाम में जीवनशैली बदलाव सबसे प्रभावी हथियार है। FSSAI का C-A-L-M अप्रोच इसे सरल बनाता है।”
  • आयुष मंत्रालय: “योग और आयुर्वेद को जीवनशैली में शामिल कर मोटापे को नियंत्रित किया जा सकता है।”

🌿 आयुष्य मन्दिरम् और आयुष्य पथ का योगदान

रेवाड़ी स्थित आयुष्य मन्दिरम् योग एवं नेचुरोपैथी सेंटर ने FSSAI के इस अभियान का स्वागत किया है। सेंटर की योगाचार्या सुषमा कुमारी ने कहा: “FSSAI का C-A-L-M अप्रोच बहुत व्यावहारिक और समग्र है। हम आयुष्य मन्दिरम् में बच्चों और वयस्कों को योग, प्राणायाम और आयुर्वेदिक जीवनशैली सिखा रहे हैं ताकि मोटापा जड़ से रोका जा सके।”

उपलब्ध विशेष पैकेज:

मोटापा प्रबंधन के लिए योग + डाइट काउंसलिंग | बच्चों के लिए स्कूल योग सत्र | YCB प्रमाणित योग शिक्षक प्रशिक्षण

📞 संपर्क: +91 98734 90919 | ✉️ ayushyamandiram@gmail.com

निष्कर्ष और आह्वान

FSSAI ने सही कहा – मोटापा अब केवल “वजन बढ़ना” नहीं, बल्कि एक क्रॉनिक स्वास्थ्य समस्या है। आज से ही C-A-L-M अप्रोच अपनाएँ: रोज़ाना सही विकल्प चुनें, जीवनशैली में बदलाव लाएँ, सचेत रहें और निरंतर प्रयास करें।

स्वस्थ भारत, स्वस्थ आप! 🌿

#StopObesity #FSSAI #EatRightIndia #SwasthBharat #AyushyaPath #YogaForWeightLoss #CALMApproach #AyushyaMandiram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *