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बसंत पंचमी 2026: आयुर्वेद और योग से करें शरीर का ‘कायाकल्प’ | Health Special

Basant Panchami Special Editorial | Ayushya Path
आयुष्य पथ संपादकीय

बसंत पंचमी: केवल ऋतु परिवर्तन नहीं, ‘कायाकल्प’ का महापर्व है 🌼

✍️ संपादक, आयुष्य पथ | 📅 जनवरी 2026 विशेषांक

प्रकृति ने अपनी चादर बदल ली है। खेतों में सरसों के पीले फूल और हवाओं में मादक उष्णता बता रही है कि ‘ऋतुराज बसंत’ आ चुका है। लेकिन क्या बसंत का अर्थ केवल पीले वस्त्र पहनना है?

आयुर्वेद की दृष्टि में, यह समय हमारे शरीर के ‘पुनर्जागरण’ (Renaissance) का है। सर्दियों में जमा हुआ ‘कफ दोष’ अब सूर्य की गर्मी से पिघलने लगा है। यदि इसे बाहर न निकाला जाए, तो यह वसंत में होने वाले रोगों का कारण बनता है।

बसंती और ‘बस्ती’ का संगम

यहीं पर आयुर्वेद की बस्ती (Vasti) चिकित्सा काम आती है। यह पंचकर्म का वह मुकुटमणि है जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर हमें नवजीवन देता है। साथ ही, यह समय ‘स्वर्ण बसंत मालती’ जैसी रसायन औषधियों और पीले रंग (मणिपुर चक्र) की ऊर्जा को अपनाने का है।

“जब तन निरोगी होगा और मन में उत्साह होगा, तभी जीवन में सच्चा वसंत खिलेगा।”

Mustard Fields Basant Panchami प्रकृति की गोद में बसंती ऊर्जा का उत्सव।

🧘‍♂️ बसंत पंचमी विशेष: ‘सरस्वती-प्राण’ योग सत्र

सुस्ती (Lethargy) भगाने और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की ऊर्जा जगाने के लिए विशेष अभ्यास:

1. सिंहगर्जनासन (Lion Pose) 🦁 लाभ: गले के संक्रमण को दूर करता है और स्वर को मधुर बनाता है। यह थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
2. मत्स्यासन (Fish Pose) 🐟 लाभ: फेफड़ों को खोलता है और कफ दोष को बाहर निकालता है। श्वास प्रक्रिया को गहरा बनाता है।
3. भ्रामरी प्राणायाम 🐝 लाभ: यह मन को शांत करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। विद्यार्थियों के लिए यह ‘सरस्वती मंत्र’ जैसा है।
🌞 विशेष: ‘पीत-वर्ण’ ध्यान (Yellow Meditation)
आंखें बंद करें और नाभि (मणिपुर चक्र) पर ध्यान लगाएं। कल्पना करें कि वहां एक चमकीला पीला सूरज चमक रहा है जो आपको तेजस्वी बना रहा है।

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