Institutions (YCB, HSSC, Universities)

AIIA अश्वगंधा कार्यशाला 2026: खेती, संरक्षण और राष्ट्रीय अभियान का आगाज

AIIA अश्वगंधा कार्यशाला 2026 | आयुष्य पथ

AIIA ने किया ‘अश्वगंधा – स्वास्थ्य संवर्धक’ अभियान 2026 का आगाज: खेती और संरक्षण पर मंथन

📅 16 जनवरी 2026 | 📍 नई दिल्ली | ✍️ आयुष्य पथ डेस्क

नई दिल्ली: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) ने 14 जनवरी 2026 को अश्वगंधा की वैज्ञानिक खेती और संरक्षण पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय अभियान 2026 का हिस्सा था।

Ashwagandha Roots and Powder प्रतीकात्मक चित्र: अश्वगंधा (Indian Ginseng)
मुख्य बिंदु: इस कार्यशाला का उद्देश्य किसानों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को एक मंच पर लाना था ताकि अश्वगंधा की गुणवत्ता और वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके।

कार्यशाला की प्रमुख झलकियाँ

  • उद्घाटन: निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार प्रजापति ने अश्वगंधा को तनाव और थकान मिटाने वाली प्रमुख ‘रसायन’ औषधि बताया।
  • खेती की तकनीक: ICAR-DMAPR के विशेषज्ञों ने उच्च उपज वाली किस्मों और सतत संग्रहण (Sustainable Harvesting) के तरीके साझा किए।
  • किसानों की आय: कार्यशाला में चर्चा हुई कि अश्वगंधा की खेती से किसानों की आय 2-3 गुना तक बढ़ सकती है।
  • क्वालिटी कंट्रोल: मिलावट रोकने और फार्माकोपिया मानकों (Pharmacopoeia Standards) के पालन पर जोर दिया गया।

🚀 राष्ट्रीय अभियान 2026 क्या है?

आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए “अश्वगंधा – स्वास्थ्य संवर्धक” अभियान का लक्ष्य है:

  • किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना।
  • अश्वगंधा आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन।
  • जैव-विविधता का संरक्षण।

निष्कर्ष: यह कार्यशाला आयुर्वेद को आधुनिक कृषि और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर है।

#AIIA #AshwagandhaCampaign2026 #Ayurveda #FarmersIncome #AyushyaMandir #IndianGinseng

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *