सावधान: अयोग्य योग शिक्षक दे रहे हैं बीमारी | Neem Hakeem Risk
‘नीम हकीम, खतरा-ए-जान’: योग में अनाड़ी गुरुओं से सावधान! अयोग्य प्रशिक्षक दे रहे हैं जीवन भर का दर्द
योग को स्वास्थ्य का ‘अमृत’ माना जाता है, लेकिन आज के दौर में अयोग्य और अप्रमाणित योग प्रशिक्षक (Unqualified Yoga Instructors) इसे ‘जहर’ में बदल रहे हैं। पुरानी कहावत “नीम हकीम, खतरा-ए-जान” अब योग के संदर्भ में पूरी तरह फिट बैठ रही है।
सोशल मीडिया, यूट्यूब और गली-मोहल्लों में खुले अनियमित सेंटर्स में बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाणन के योग सिखाने वाले ‘स्वयंभू गुरु’ छात्रों को गंभीर चोटें पहुंचा रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गलत योग अभ्यास से स्लिप डिस्क, लिगामेंट टियर और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
[Image of human spine diagram with herniated disc]शास्त्रीय चेतावनी: अयुक्त अभ्यास यानी रोगों का घर
यह समस्या नई नहीं है। हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले ही इसके प्रति आगाह कर दिया था। प्राचीन ग्रंथ हठयोग प्रदीपिका में स्पष्ट कहा गया है:
अयुक्ताभ्यासयोगेन… सर्वरोगसमुद्भवः॥”
अर्थ: विधिपूर्वक (युक्त) किया गया प्राणायाम और योग सभी रोगों का नाश करता है, लेकिन ‘अयुक्त अभ्यास’ (गलत तरीके से किया गया योग) नए और गंभीर रोगों को जन्म देता है।
अयोग्य प्रशिक्षक से होने वाले 3 बड़े खतरे
लिंक्डइन और मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, आज सबसे ज्यादा नुकसान उन ‘इन्फ्लुएंसर्स’ से हो रहा है जिन्होंने केवल कुछ वीडियो देखकर क्लास लेनी शुरू कर दी है।
1. गलत संरेखण (Poor Alignment) = स्थायी दर्द
आसन का कोण (Angle) सही न होने से रीढ़ की हड्डी और घुटनों पर असमान दबाव पड़ता है। इसके परिणाम स्लिप डिस्क (Slip Disc), लिगामेंट टियर और क्रॉनिक बैक पेन के रूप में सामने आते हैं, जो जीवन भर साथ नहीं छोड़ते।
2. गलत सांस (Wrong Breathing) = नर्वस सिस्टम फेलियर
प्राणायाम में अनुपात (जैसे 1:4:2) न मानने से नर्वस सिस्टम पर आघात पड़ता है। इससे चक्कर आना (वर्टिगो), उच्च रक्तचाप (High BP), एंग्जायटी और पैनिक अटैक जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
3. मेडिकल हिस्ट्री की अनदेखी
हृदय रोगी, हर्निया या हाई बीपी वाले मरीजों के लिए कई आसन (जैसे शीर्षासन या कपालभाति) वर्जित होते हैं। अयोग्य शिक्षक इसे इग्नोर कर देते हैं, जिससे जानलेवा स्थिति बन सकती है।
सुरक्षित योग कैसे करें? (विशेषज्ञ सलाह)
आयुष्य मन्दिरम् और योग विशेषज्ञों का कहना है: “अल्प-विद्या, महा-भयंकर”—थोड़ा ज्ञान सबसे खतरनाक होता है। सुरक्षित रहने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- प्रमाणीकरण जरूर जांचें (Check Certification): सुनिश्चित करें कि आपका प्रशिक्षक योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) – आयुष मंत्रालय, या इंडियन योगा एसोसिएशन (IYA) से प्रमाणित हो। YCB लेवल-1, 2 या 3 का सर्टिफिकेट ही यह सुनिश्चित करता है कि शिक्षक को एनाटॉमी और सुरक्षा का ज्ञान है।
- शरीर की सुनें: योग में दर्द “लाभ” नहीं, बल्कि चेतावनी है। अगर किसी आसन में तेज दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं।
- खुल कर बात करें: क्लास शुरू करने से पहले अपनी मेडिकल हिस्ट्री (कमर दर्द, सर्जरी, बीपी) शिक्षक को जरूर बताएं।
निष्कर्ष
आयुष मंत्रालय और YCB ने प्रमाणन को अनिवार्य बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब छात्र जागरूक होंगे। याद रखें, प्रमाणित शिक्षक चुनें—क्योंकि योग जीवन देता है, न कि लेता है!
रिपोर्ट: आयुष्य पथ हेल्थ डेस्क | स्रोत: हठयोग प्रदीपिका & YCB गाइडलाइंस
📚 संदर्भ और स्रोत (References & Sources)
- LinkedIn Article (Rashmi Ghatge, Dec 2025): “Unqualified Yoga Instructors Is Putting People at Risk” — गलत पोस्चर और एनाटॉमी के अज्ञान से चोट का खतरा।
- Journal of Bodywork and Movement Therapies: अध्ययन के अनुसार 10% साधकों को सत्र के बाद दर्द और 21% में पुराने दर्द में वृद्धि देखी गई।
- Rishikesh Yogkulam Report (2024-2025): योग चोटों में वृद्धि का मुख्य कारण शुरुआती लोगों (Beginners) को अयोग्य शिक्षकों द्वारा पढ़ाना है।
- PMC/NIH Systematic Review: “Adverse Events Associated with Yoga” — प्राणायाम में जबरदस्ती सांस लेने (Forceful breathing) से नर्वस सिस्टम की समस्याएं।
- Yoga Injury Rate: 1.18 चोटें प्रति 1,000 योग घंटे (सिस्टेमेटिक रिव्यू, 2020-2025)।
- US NEISS Data (2001-2014, updated 2025): चोट की दर 9.5 से बढ़कर 17 (प्रति 100,000) हुई।
- Indian Medical Big Data (PMC, 2025): “Analysis of risk factors affecting knee injury during yoga” — घुटने की चोटों में शिक्षकों के पास स्पोर्ट्स मेडिसिन ज्ञान की कमी एक बड़ा रिस्क फैक्टर है।
- YCB गाइडलाइंस (आयुष मंत्रालय): केवल YCB लेवल-1 से 3 प्रमाणित शिक्षक ही सुरक्षित एनाटॉमी और कॉन्ट्रा-इंडिकेशंस (वर्जित क्रियाएं) जानते हैं।
- Yoga Alliance Reports: बिना रोक-टोक एंट्री (Unqualified entry) से योग की विश्वसनीयता कम हो रही है और चोटें बढ़ रही हैं।
- विशेषज्ञ कथन: “अल्प-विद्या, महा-भयंकर” — प्रमाणन के बिना योग सिखाना खतरनाक है।

