विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने क्यों कहा: “आयुष की ताकत अब दुनिया देखेगी”?
परिचय: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों (आयुष) की शक्ति को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। हाल ही में आयुष मंत्रालय और WHO के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ, जिसका उद्देश्य भारत के वैज्ञानिक साक्ष्य-आधारित योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों में एकीकृत करना है।
मुख्य बिंदु: इस सहयोग के तहत, WHO अब आयुष की प्रभावशीलता पर वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देगा। यह समझौता न केवल भारतीय पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर मान्यता देता है, बल्कि सदस्य देशों को भी सुरक्षित और प्रभावी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जो दुनिया को सस्ती और समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की क्षमता रखता है। इस पहल से भारत, पारंपरिक चिकित्सा के लिए वैश्विक केंद्र (Global Hub) के रूप में उभरेगा।
स्रोत:

